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'इस्राइल का इससे बड़ा दोस्त नहीं': ट्रंप के समर्थन पर भावुक हुए नेतन्याहू; ईरान से खतरे पर क्या बोले?
Mon, 19 Oct 2026 07:21 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 19 Oct 2026 07:21 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन पर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भावुक नजर आए। उन्होंने ट्रंप को व्हाइट हाउस में इस्राइल का सबसे बड़ा दोस्त बताया और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए साथ काम करने की बात कही। चुनाव से ठीक पहले नेतन्याहू ने मतदाताओं से क्या खास अपील की? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
विस्तार
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति आभार जताया। ट्रंप ने इस्राइल के राष्ट्रीय चुनाव से पहले उन्हें अपना असाधारण समर्थन दिया है। नेतन्याहू ने आगामी चुनाव को ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए निर्णायक विकल्प बताया।
उन्होंने इस्राइल के मतदाताओं और अमेरिकी जनता, दोनों से सीधे अपील की। नेतन्याहू ने ट्रंप के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ अभियान पूरा करने और दुनिया के ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी जरूरी है।
वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने क्या कहा?
नेतन्याहू ने एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, राष्ट्रपति ट्रंप, मेरे प्रिय मित्र डोनाल्ड, आपके असाधारण समर्थन से मैं सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं यह कह सकता हूं और यह कहना आसान है कि व्हाइट हाउस में इस्राइल का इससे बड़ा दोस्त कभी नहीं रहा। यह कहना भी कम होगा। इसमें जरा भी अतिशयोक्ति नहीं है।
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ये भी पढ़ें: इस्राइल में गरमाई राजनीति: नेतन्याहू की कुर्सी के लिए खतरा बना अरब किंगमेकर; यहूदी सांसद से क्यों मिलाया हाथ?
अपने वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उस खतरे का डटकर सामना किया, जिसे उन्होंने तेहरान का 'घिनौना और हत्यारा तानाशाही शासन' बताया। नेतन्याहू ने इस दौरान अमेरिका की घरेलू राजनीति में हो रहे विरोध के बावजूद ट्रंप के अपने रुख पर कायम रहने का भी जिक्र किया।
नेतन्याहू ने कहा, अमेरिका भाग्यशाली रहा है कि उसे ऐसा नेता मिला, जिसके विचार स्पष्ट हैं, जो अपने फैसलों पर अडिग है और जिसमें साहस है। वह अमेरिका और इस्राइल के लिए खतरा बने लोगों का सामना करता है। ये वही लोग हैं, जो 'इस्राइल की मौत हो', 'अमेरिका की मौत हो' के नारे लगाते हैं। यह तेहरान का घिनौना और हत्यारा तानाशाही शासन है, जो परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है। वह ऐसे साधन भी चाहता है, जिनसे इन हथियारों को अमेरिका के हर शहर तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने आगे कहा, आप इस खतरे को मौजूदा अमेरिकी पीढ़ी और आने वाली सभी पीढ़ियों से दूर करने के काम पर पूरी तरह केंद्रित हैं।
मतदाताओं से क्या अपील की?
नेतन्याहू ने उन मतदाताओं को साधने के लिए ट्रंप के समर्थन का हवाला दिया, जो अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि किसे वोट देना है। उन्होंने लोगों से अपनी लिकुड पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने की अपील की।
ट्रंप के समर्थन का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने इस्राइली नागरिकों से दोनों नेताओं के साझा सैन्य और रणनीतिक रिकॉर्ड पर विचार करने की अपील की। नेतन्याहू ने इस्राइली जनता से कहा, आज रात मैं इस्राइल के उन नागरिकों को संबोधित करना चाहता हूं, जो अभी तय नहीं कर पाए हैं कि किसे वोट देना है। मैं आपसे कहता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आज शाम जो बातें कही हैं, उन्हें ध्यान से सुनें। उन्होंने मुझे बिना किसी शर्त के समर्थन दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, उन्होंने (ट्रंप) कहा कि हमने साथ मिलकर शानदार काम किए हैं। हमने ईरान को कुचला, ईरान के सहयोगी गुट को कुचला और हमारे खिलाफ परमाणु बमों के तत्काल खतरे को खत्म किया। लेकिन अभी एक मिशन पूरा करना बाकी है। उन्होंने कहा कि वह आपके इस वफादार सेवक के साथ मिलकर इस मिशन को पूरा करेंगे।
ईरान के परमाणु खतरे को गैस की ऊंची कीमतों से क्यों जोड़ा?
नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु खतरे को अमेरिका में गैस की ऊंची कीमतों से भी जोड़ा। उन्होंने वादा किया कि ट्रंप के साथ मिलकर काम करने से उपभोक्ताओं के लिए लागत कम होगी।
नेतन्याहू ने कहा, मैं अमेरिकी जनता से भी कहना चाहता हूं। अगर आप आज गैस की कीमतों को लेकर चिंतित हैं, तो सोचिए कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए तो क्या होगा। डोनाल्ड ट्रंप और मैं ऐसा कभी नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा, जब यह खतरा खत्म हो जाएगा और उस शासन का खतरा मिट जाएगा, तो गैस की कीमतें काफी नीचे आ जाएंगी। लेकिन ऐसा केवल ट्रंप के नेतृत्व में ही होगा। उन लोगों के साथ ऐसा नहीं होगा, जो इन अत्याचारियों और हत्यारों को मनाने और उनके सामने झुकने की नीति अपनाना चाहते हैं।
अपने संदेश के अंत में इस्राइली नेता ने एक बार फिर ट्रंप के प्रति आभार जताया। उन्होंने ट्रंप को स्पष्ट सोच, निरंतरता, दृढ़ विश्वास और साहस वाला नेता बताया। नेतन्याहू ने कहा, दुनिया भाग्यशाली रही है। अमेरिका भाग्यशाली रहा है। अमेरिका के सहयोगी देश भाग्यशाली रहे हैं। इस्राइल और यहूदी लोग भी भाग्यशाली रहे हैं कि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप जैसा नेता मिला, जिसकी सोच स्पष्ट है, जो लगातार अपने रुख पर कायम रहता है, जिसमें दृढ़ विश्वास और साहस है। डोनाल्ड, धन्यवाद। आपके लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद। आपके असाधारण नेतृत्व के लिए धन्यवाद, मेरे दोस्त।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी नेतन्याहू का यह वीडियो संदेश ट्रुथ सोशल पर साझा किया।
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उन्होंने इस्राइल के मतदाताओं और अमेरिकी जनता, दोनों से सीधे अपील की। नेतन्याहू ने ट्रंप के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ अभियान पूरा करने और दुनिया के ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी जरूरी है।
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वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने क्या कहा?
नेतन्याहू ने एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, राष्ट्रपति ट्रंप, मेरे प्रिय मित्र डोनाल्ड, आपके असाधारण समर्थन से मैं सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं यह कह सकता हूं और यह कहना आसान है कि व्हाइट हाउस में इस्राइल का इससे बड़ा दोस्त कभी नहीं रहा। यह कहना भी कम होगा। इसमें जरा भी अतिशयोक्ति नहीं है।
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ये भी पढ़ें: इस्राइल में गरमाई राजनीति: नेतन्याहू की कुर्सी के लिए खतरा बना अरब किंगमेकर; यहूदी सांसद से क्यों मिलाया हाथ?
अपने वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उस खतरे का डटकर सामना किया, जिसे उन्होंने तेहरान का 'घिनौना और हत्यारा तानाशाही शासन' बताया। नेतन्याहू ने इस दौरान अमेरिका की घरेलू राजनीति में हो रहे विरोध के बावजूद ट्रंप के अपने रुख पर कायम रहने का भी जिक्र किया।
नेतन्याहू ने कहा, अमेरिका भाग्यशाली रहा है कि उसे ऐसा नेता मिला, जिसके विचार स्पष्ट हैं, जो अपने फैसलों पर अडिग है और जिसमें साहस है। वह अमेरिका और इस्राइल के लिए खतरा बने लोगों का सामना करता है। ये वही लोग हैं, जो 'इस्राइल की मौत हो', 'अमेरिका की मौत हो' के नारे लगाते हैं। यह तेहरान का घिनौना और हत्यारा तानाशाही शासन है, जो परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है। वह ऐसे साधन भी चाहता है, जिनसे इन हथियारों को अमेरिका के हर शहर तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने आगे कहा, आप इस खतरे को मौजूदा अमेरिकी पीढ़ी और आने वाली सभी पीढ़ियों से दूर करने के काम पर पूरी तरह केंद्रित हैं।
मतदाताओं से क्या अपील की?
नेतन्याहू ने उन मतदाताओं को साधने के लिए ट्रंप के समर्थन का हवाला दिया, जो अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि किसे वोट देना है। उन्होंने लोगों से अपनी लिकुड पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने की अपील की।
ट्रंप के समर्थन का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने इस्राइली नागरिकों से दोनों नेताओं के साझा सैन्य और रणनीतिक रिकॉर्ड पर विचार करने की अपील की। नेतन्याहू ने इस्राइली जनता से कहा, आज रात मैं इस्राइल के उन नागरिकों को संबोधित करना चाहता हूं, जो अभी तय नहीं कर पाए हैं कि किसे वोट देना है। मैं आपसे कहता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आज शाम जो बातें कही हैं, उन्हें ध्यान से सुनें। उन्होंने मुझे बिना किसी शर्त के समर्थन दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं।
President Trump, my friend Donald - thank you for your extraordinary endorsement. Israel has never had a greater friend in the White House. Together we will never let Iran's regime get nuclear weapons. Thank you for your clarity, courage and unwavering support. @realDonaldTrump https://t.co/GqaOVB74Dj
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) October 18, 2026
उन्होंने कहा, उन्होंने (ट्रंप) कहा कि हमने साथ मिलकर शानदार काम किए हैं। हमने ईरान को कुचला, ईरान के सहयोगी गुट को कुचला और हमारे खिलाफ परमाणु बमों के तत्काल खतरे को खत्म किया। लेकिन अभी एक मिशन पूरा करना बाकी है। उन्होंने कहा कि वह आपके इस वफादार सेवक के साथ मिलकर इस मिशन को पूरा करेंगे।
ईरान के परमाणु खतरे को गैस की ऊंची कीमतों से क्यों जोड़ा?
नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु खतरे को अमेरिका में गैस की ऊंची कीमतों से भी जोड़ा। उन्होंने वादा किया कि ट्रंप के साथ मिलकर काम करने से उपभोक्ताओं के लिए लागत कम होगी।
नेतन्याहू ने कहा, मैं अमेरिकी जनता से भी कहना चाहता हूं। अगर आप आज गैस की कीमतों को लेकर चिंतित हैं, तो सोचिए कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए तो क्या होगा। डोनाल्ड ट्रंप और मैं ऐसा कभी नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा, जब यह खतरा खत्म हो जाएगा और उस शासन का खतरा मिट जाएगा, तो गैस की कीमतें काफी नीचे आ जाएंगी। लेकिन ऐसा केवल ट्रंप के नेतृत्व में ही होगा। उन लोगों के साथ ऐसा नहीं होगा, जो इन अत्याचारियों और हत्यारों को मनाने और उनके सामने झुकने की नीति अपनाना चाहते हैं।
अपने संदेश के अंत में इस्राइली नेता ने एक बार फिर ट्रंप के प्रति आभार जताया। उन्होंने ट्रंप को स्पष्ट सोच, निरंतरता, दृढ़ विश्वास और साहस वाला नेता बताया। नेतन्याहू ने कहा, दुनिया भाग्यशाली रही है। अमेरिका भाग्यशाली रहा है। अमेरिका के सहयोगी देश भाग्यशाली रहे हैं। इस्राइल और यहूदी लोग भी भाग्यशाली रहे हैं कि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप जैसा नेता मिला, जिसकी सोच स्पष्ट है, जो लगातार अपने रुख पर कायम रहता है, जिसमें दृढ़ विश्वास और साहस है। डोनाल्ड, धन्यवाद। आपके लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद। आपके असाधारण नेतृत्व के लिए धन्यवाद, मेरे दोस्त।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी नेतन्याहू का यह वीडियो संदेश ट्रुथ सोशल पर साझा किया।