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Hindi News ›   World ›   Nepali PM KP Sharma Oli raised issue of India-China Lipulekh trade route with Chinese President Xi Jinping

Nepal-China Ties: चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से मिले नेपाली पीएम ओली, भारत-चीन लिपुलेख व्यापार मार्ग पर की चर्चा

Sun, 31 Aug 2025 12:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तियानजिन/काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तियानजिन/काठमांडू Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 31 Aug 2025 12:57 AM IST
सार

नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक में भारत-चीन के बीच लिपुलेख को व्यापार मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने के समझौते पर आपत्ति जताई। पीएम ओली ने कहा कि नेपाल को विश्वास है कि इस मामले में चीन उसका सहयोग करेगा। हालांकि, चीन की ओर से ओली की आपत्ति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। 

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Nepali PM KP Sharma Oli raised issue of India-China Lipulekh trade route with Chinese President Xi Jinping
नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : एक्स@kpsharmaoli

विस्तार

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शनिवार को तियानजिन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान पीएम ओली ने भारत और चीन के बीच लिपुलेख को व्यापार मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने के समझौते पर आपत्ति जताई। पीएम ओली के सचिवालय ने यह जानकारी दी।

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नेपाल लिपुलेख को अपना क्षेत्र बताता है, जबकि भारत इस दावे को खारिज किया है। भारत का कहना है कि यह 'न तो उचित है और न ही ऐतिहासिक तथ्यों और सबूतों पर आधारित।' ओली के सचिवालय ने विदेश सचिव अमृत राय के हवाले से एक बयान में कहा, 'प्रधानमंत्री ओली ने स्पष्ट रूप से भारत-चीन समझौते पर आपत्ति जताई, जिसमें नेपाल की भूमि लिपुलेख को व्यापार मार्ग के तौर पर शामिल किया गया है।'
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चीन की ओर से आपत्ति पर नहीं आई कोई प्रतिक्रिया
बयान में पीएम ओली के हवाले से कहा गया कि नेपाल को विश्वास है कि इस मामले में चीन उसका सहयोग करेगा। हालांकि, चीन की ओर से ओली की आपत्ति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। चीनी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में भी इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया गया। पीएम ओली के सचिवालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
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पीएम ओली ने इन मुद्दों को उठाया
चीन में स्थित नेपाली दूतावास द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पीएम ओली ने पहले से तय परियोजनाओं, जिनमें चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (BRI) भी शामिल है, को तेजी से लागू करने की उम्मीद जताई। उन्होंने खाद, पेट्रोलियम, खनन, मानव संसाधन विकास, जलवायु अनुकूलता और लोगों के आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग का अनुरोध किया।

जिनपिंग ने रणनीतिक आपसी विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम ओली के साथ वार्ता के दौरान कहा कि चीन-नेपाल सहयोग स्थिरता से आगे बढ़ रहा है और दोनों देशों की जनता एक-दूसरे के और करीब आ रही है। जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को रणनीतिक आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए और एक-दूसरे के अहम मुद्दों पर दृढ़ समर्थन करना चाहिए। उन्होंने उद्योग, कृषि, पशुपालन, नई ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, तेल-गैस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही।


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नेपाल-चीन संबंध मजबूत हुए: ओली
बयान में पीएम ओली के हवाले से कहा गया कि नेपाल-चीन संबंध समय की विभिन्न चुनौतियों से गुजरकर और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान और भरोसा किया है। चीन के साथ सहयोग ने नेपाल के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाई है।

एससीओ की सदस्यता दिलाने में चीन का समर्थन मांगा
प्रधानमंत्री ओली ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन-2025 की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और नेपाल को एससीओ की सदस्यता दिलाने में चीन का समर्थन मांगा। बीआरआई के अंतर्गत पहले से सहमत परियोजनाओं को शीघ्र कार्यान्वित करने पर जोर देते हुए उर्वरक, पेट्रोलियम अन्वेषण, मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग का अनुरोध किया।

बहुपक्षीय मंचों पर नेपाल का सहयोग करेगा चीन
बीजिंग स्थित नेपाली राजदूतावास की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'समृद्ध नेपाल, सुखी नेपाली' की आकांक्षा पूरी करने में चीन के सहयोग की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि चीन, संयुक्त राष्ट्र, एससीओ सहित बहुपक्षीय मंचों पर नेपाल के साथ सहयोग करेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री ओली और उनका प्रतिनिधिमंडल शनिवार दोपहर तियानजिन बिनहाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां उनका स्वागत चीन के सामान्य प्रशासन सीमा शुल्क मंत्री एवं पार्टी सचिव सुन मेइजुन, तियानजिन पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष यू युनलिन व नेपाली राजदूत ने किया।

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