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नेपाल के पीएम ओली का भविष्य तय करने वाली स्थायी समिति की बैठक फिर टली
Mon, 06 Jul 2020 07:11 PM IST
Rohit Ojha
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 06 Jul 2020 07:11 PM IST
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इस्तीफा देने के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं के दबाव का सामना कर रहे नेपाली प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली का भविष्य अब बुधवार को तय होगा। इस संबंध में सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक तीसरी बार भी स्थगित कर दी गई है। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की 45 सदस्यीय स्थायी समिति की बैठक सोमवार को होनी थी, लेकिन अंतिम समय में बैठक को टाल दिया गया। प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार सूर्य थापा ने बताया कि बैठक बुधवार तक के लिए टल गई है।
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भारत विरोधी बयान को लेकर पार्टी के भीतर विवाद के बीच चीनी राजदूत द्वारा पार्टी के एक शीर्ष नेता से मुलाकात करने के एक दिन बाद यह निर्णय लिया गया है। चीन की राजदूत होऊ यांगी ने रविवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल के साथ मुलाकात की।
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प्रधानमंत्री द्वारा एकतरफा तरीके से संसद के बजट सत्र को स्थगित करने के बाद एनसीपी के दो धड़ों के बीच मतभेद गहरा गया है। पार्टी का एक धड़ा ओली के समर्थन में हैं जबकि दूसरा धड़ा कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ का समर्थन करता है। प्रचंड के खेमे में वरिष्ठ नेता माधव नेपाल और झालनाथ खनल हैं और वे ओली का इस्तीफा मांग रहे हैं।
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एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि राजदूत ने माधव नेपाल से उनके आवास पर मुलाकात की और दोनों ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। ‘माय रिपब्लिका’ समाचार पत्र के मुताबिक चीनी राजदूत ने नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से भी रविवार को मुलाकात की।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब चीनी राजदूत ने संकट के समय नेपाल के आंतरिक मामले में दखल दी है। करीब डेढ़ महीने पहले भी पार्टी के भीतर गतिरोध बढ़ने पर राजदूत ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तथा प्रचंड समेत अन्य नेताओं के साथ अलग-अलग मुलाकात की थी। तीसरी बार सत्तारूढ़ पार्टी की स्थायी कमेटी की बैठक स्थगित हुई है।