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नेपाल: राष्ट्रीय बैंक के गवर्नर पर कार्रवाई, अपनी ही पार्टी में घिरे प्रधानमंत्री देउबा
Tue, 12 Apr 2022 02:21 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 12 Apr 2022 02:21 PM IST
सार
ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा माओइस्ट सेंटर पार्टी के नेता पुष्प कमल दहल के दबाव में आ गए। ऐसा लगता है कि देउबा चुनाव से ठीक पहले दहल को और नाराज नहीं करना चाहते थे।
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sher bahadur deuba
- फोटो : pti
विस्तार
नेपाल के सेंट्रल बैंक के गवर्नर के खिलाफ कार्रवाई का अचानक फैसला कर सत्ताधारी नेपाली कांग्रेस ने अपनी मुश्किलें बढ़ा ली हैं। पर्यवेक्षकों के मुताबिक देश में ये आम राय बन रही है कि सरकार ने आरोपों से घिरे वित्त मंत्री जनार्दन शर्मा को बचाने के लिए ये क उठायादम है। नेपाल सरर काने बीते हफ्ते नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर महा प्रसाद अधिकारी को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच के लिए एक समिति बना दी थी। वित्त मंत्री शर्मा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के कोटे से मौजूदा गठबंधन सरकार में मंत्री हैं।
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अखबार काठमांडू पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल में कुछ संवेदनशील दस्तावेजों के लीक होने के कारण अधिकारी के खिलाफ जांच कराबर से लोगों में गुस्सा पैदा हुआ। इसके पहले भी वित्त मंत्री शर्मा और गवर्नर अधिकारी के बीच कई मुने का फैसला किया गया है। इनमें एक दस्तावेज से जाहिर हुआ कि सरकार ने कुछ जरूरी चीजों के आयात को सीमित कर दिया। जिस समय देश बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है, उस बीच इस खद्दों पर मतभेद की खबरें चर्चित थीं।
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अब नेपाली कांग्रेस नेता भी मान रहे हैं कि ये फैसला अलोकप्रिय साबित हो रहा है। जब नेपाली कांग्रेस 14 मई को होने वाले स्थानीय चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है, ऐसे वक्त पर इस विवाद से बचा जाना चाहिए था। एक पार्टी पदाधिकारी ने काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा माओइस्ट सेंटर पार्टी के नेता पुष्प कमल दहल के दबाव में आ गए। ऐसा लगता है कि देउबा चुनाव से ठीक पहले दहल को और नाराज नहीं करना चाहते थे। नेपाली कांग्रेस के स्थानीय चुनावों में सहयोगी दलों से गठबंधन ना करने के फैसले से दहल पहले से खफा हैं।’
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नेपाली कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि दहल दोहरा खेल खेल रहे हैं। वे सरकार पर ऐसे फैसले लेने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे चुनाव में नेपाली कांग्रेस को नुकसान हो। अधिकारी को निलंबित करने के फैसले का मुख्य विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) ने कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने कहा है कि जनार्दन शर्मा की नाकामियों पर परदा डालने के लिए महा प्रसाद अधिकारी को बलि का बकरा बनाया गया है। शर्मा गहराते आर्थिक संकट से देश को निकालने के लिए कोई पहल करने में नाकाम रहे हैं। इस बीच पृथ्वी शाह नाम के एक व्यक्ति के लिए गलत ढंग से 14 करोड़ रुपये जारी करवाने के मामले में भी शर्मा पर आरोप लगाए थे।
पुष्प कमल दहल ने पहले ये कहा था कि नेपाली कांग्रेस ने गठजोड़ ना किया, तो वे यूएमएल पार्टी के साथ हाथ मिला सकते हैं। नेपाली कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि संभवतः ऐसी ही धमकी देकर दहल ने देउबा को एक अलोकप्रिय फैसला लेने पर मजबूर किया। इसके नुकसानदेह राजनीतिक नतीजे हो सकते हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा- ‘यह हैरतअंगेज है कि प्रधानमंत्री ने इस बारे में फैसला लेने से पहले पार्टी के किसी नेता से राय मशविरा नहीं किया।’