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भारत के नए मानचित्र पर पाकिस्तान के बाद अब नेपाल ने जताई आपत्ति
Thu, 07 Nov 2019 11:14 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, काठमांडू
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 07 Nov 2019 11:14 AM IST
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Indian Political Map
- फोटो : HMO
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भारत सरकार द्वारा जारी देश के नए राजनीतिक मानचित्र को लेकर नेपाल ने आपत्ति जताई है। नेपाल सरकार ने बुधवार को कहा कि देश के सुदूर पश्चिमी इलाके स्थित कालापानी नेपाल की सीमा में है।
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बता दें कि भारत ने शनिवार को नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया था जिसमें नवगठित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को उनकी सीमाओं के साथ दिखाया गया है। मानचित्र में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को नवगठित जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के हिस्से के रूप में दिखाया गया है जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान को लद्दाख के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया है।
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नेपाल सरकार ने कहा कि कालापानी को भारत के नए मानचित्र में दिखाने की जानकारी उसे मीडिया द्वारा मिली है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल सरकार स्पष्ट है कि कालापानी का इलाका उसकी सीमा में आता है।
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मंत्रालय के बयान के मुताबिक, विदेश सचिव स्तर की संयुक्त बैठक में भारत और नेपाल की सीमा संबंधी मुद्दों को संबंधित विशेषज्ञों की मदद से सुलझाने की जिम्मेदारी दोनों देशों के विदेश सचिवों को दी गई है। नेपाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा संबंधित लंबित सभी मुद्दों को आपसी समझ से सुलझाने की जरूरत है और कोई भी एकतरफा कार्रवाई नेपाल सरकार को अस्वीकार्य है।
नेपाली विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल सरकार अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करने को लेकर प्रतिबद्ध है और दोनों मित्र देशों को कूटनीतिक माध्यम से ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं सबूतों के आधार पर संबधित विवाद को सुलझाने की जरूरत है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से इस मामले पर त्वरित टिप्पणी के लिए सम्पर्क नहीं हो पाया।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि कालापानी नेपाल के धारचुला जिले का हिस्सा है जबकि भारत के मानचित्र में इसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा दिखाया गया है। विदेश मंत्रालय के अवर सचिव सुरेश अधिकारी से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मंत्रालय सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।