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नेपाल त्रासदी: लोग पुतलों का कर रहे अंतिम संस्कार? श्मशान स्थलों पर भारी भीड़; भावुक कर देंगी ये तस्वीरें

Wed, 02 Sep 2026 02:56 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 02 Sep 2026 02:56 PM IST
सार

नेपाल त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1127 हो गया है। आपदा को आए एक हफ्ते का समय बीत चुका है और अब लापता लोगों के मिलने की उम्मीद भी कमजोर पड़ रही है। ऐसे में लोगों ने अपने प्रियजनों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है। 

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nepal flash flood missing people families doing effigy funeral emotional scene
नेपाल में पुतलों का अंतिम संस्कार कर रहे लोग - फोटो : पीटीआई

विस्तार

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और उससे हुए विनाश को एक हफ्ता बीत चुका है। ऐसे में लापता लोगों के परिजनों की आस भी अब टूट रही है। यही वजह है कि कई लोगों ने अपने परिजनों को मृत मानकर उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए लोग अपने प्रियजनों का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार कर रहे हैं। 
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पुतलों का अंतिम संस्कार क्यों कर रहे लोग?
पुतला बनाकर अंतिम संस्कार करने वाले लोगों का कहना है कि इससे मृतकों की आत्मा को शांति मिलेगी और वे जहां भी हों, शांति और सुख से रहें। नेपाल त्रासदी में अब तक 1127 लोगों के शव मिल चुके हैं। चार हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लापता लोगों के मिलने की उम्मीद भी कमजोर पड़ रही है। 
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बचावकर्मी अभी भी जीवित लोगों की तलाश में जुटे

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नेपाल में बाढ़ - फोटो : पीटीआई
भीषण आपदा के एक सप्ताह बाद भी नेपाली बचावकर्मी जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हैं। हालांकि गाढ़े कीचड़ में लोगों का बचना बेहद मुश्किल है। शवों को खोजने में भी बचावकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि उन्हें अब भी लापता लोगों में से कुछ के जीवित बचे होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि चमत्कार होते हैं और वे अभी उम्मीद नहीं छोड़ना चाहते।

अज्ञात शवों को सामूहिक तौर पर दफनाया जा रहा
नेपाल में मुर्दाघरों के भर जाने के चलते डीएनए नमूना लेकर अज्ञात शवों को दफनाया जा रहा है। हालांकि इसे लेकर हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों में नाराजगी है और वे सभी शवों को दफनाने पर आपत्ति जता रहे हैं। यही वजह है कि कई लोगों ने अपने प्रियजनों को मृत मानकर उनके पुतले बनाकर हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार पुतलों का अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है। 

लापता लोगों में कई विदेशी नागरिक शामिल

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नेपाल में बाढ़ - फोटो : पीटीआई
लापता लोगों में 30 से अधिक देशों के 800 से अधिक विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें से 583 नेपाल में और 261 चीन में है। इनमें हिमालय में ट्रेकिंग करने आए पर्यटक और साथ ही तिब्बत में पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हिंदू तीर्थयात्री भी शामिल हैं। 

सिर्फ 95 शव परिवारों को सौंपे गए
नेपाल में त्रासदी के बाद बरामद शवों में से अब तक केवल 95 शवों की पहचान हो पाई है और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। बड़ी संख्या में शवों की पहचान नहीं हो पाने के कारण प्रशासन को वैज्ञानिक तरीके अपनाने पड़ रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने एक दिन पहले फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया था कि बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों और अज्ञात शवों को कानून के अनुसार और वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत संभाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल उन शवों का प्रबंधन कर रही है जिनकी पहचान फिलहाल संभव नहीं है। ऐसे मामलों में डीएनए सैंपल और दूसरे जरूरी सबूत सुरक्षित रखे जा रहे हैं, ताकि आगे चलकर शव की पहचान की जा सके। प्रधानमंत्री के मुताबिक, शवों के प्रबंधन में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की मदद ली जा रही है। जिन शवों की पहचान हो चुकी है, उन्हें उनके परिवारों को सौंपा जा रहा है।

 

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