Nepal Elections: नेपाल में 20 नवंबर को आम चुनाव कराने पर देउबा सरकार में बनी सहमति
Nepal Elections: निर्वाचन आयोग ने अपना सुझाव बीते छह जुलाई को सरकार के सामने पेश किया था। उसके बाद लगभग एक महीने बाद तक इस बारे में फैसला न ले पाने के लिए देउबा सरकार को कई हलकों से कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही थी...
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नेपाल में संघीय और प्रांतीय विधायिकाओं के लिए चुनाव अगले 20 नवंबर होने की संभावना है। नेपाल के निर्वाचन आयोग ने 18 नवंबर को आम चुनाव कराने का सुझाव दिया था। लेकिन नेपाली मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक शेर बहादुर देउबा सरकार ने दो रोज बाद- यानी 20 नवंबर को मतदान कराने का मन बनाया है।
निर्वाचन आयोग ने अपना सुझाव बीते छह जुलाई को सरकार के सामने पेश किया था। उसके बाद लगभग एक महीने बाद तक इस बारे में फैसला न ले पाने के लिए देउबा सरकार को कई हलकों से कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही थी। पर्यवेक्षकों के मुताबिक सरकार नागरिकता कानून में संशोधन पारित होने का इंतजार कर रही थी। समझा जाता है कि इस संशोधन के पारित हो जाने से सत्ताधारी गठबंधन को मधेस इलाके में बड़ा चुनावी लाभ मिलेगा। संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने बीते गुरुवार को नागरिकता संशोधन बिल पास कर दिया था। अब उसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी को भेज दिया गया है।
निर्वाचन आयोग ने कहा था कि उसे चुनाव कराने की तैयारी के लिए कम से कम 120 दिन का समय चाहिए। अब सरकार के ताजा फैसले के बाद आयोग को इसके लिए 112 दिन का समय मिलेगा। आयोग के अधिकारियों के मुताबिक तैयारी के लिए इतना समय भी काफी है। नेपाल के संविधान के मुताबिक प्रतिनिधि सभा का चुनाव उसकी कार्य अवधि के पांच साल के अंदर होना चाहिए। लेकिन ये पांच साल की अवधि कब से शुरू होगी, इस बारे में अस्पष्टता है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक वर्तमान प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक हुई 08 दिसंबर को हुई थी। इसलिए आठ दिसंबर के पहले चुनाव होना जरूरी है।
चुनाव की तारीख के बारे में नेपाल सरकार के फैसला लेने में देर करने की वजह से इस संबंध में कयासों का बाजार गर्म रहा है। मीडिया में यह चर्चा भी रही है कि नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल कुछ दल अगले साल फरवरी में चुनाव कराने के पक्ष में हैं। लेकिन प्रधानमंत्री देउबा ने यह संकेत कई बार दिया था कि चुनाव अपने समय पर ही होंगे। बीते शनिवार को नेपाली कांग्रेस के नेताओं के साथ अपनी बैठक के दौरान देउबा ने कहा था कि चुनाव कार्यक्रम का ‘जल्द ही’ एलान कर दिया जाएगा।
कुछ रोज पहले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल सभी दलों की एक बैठक प्रधानमंत्री ने बुलाई थी। उसके बाद नेताओं ने बताया था कि सत्ताधारी गठबंधन आम चुनाव दो चरणों में 20 और 21 नवंबर को कराने के पक्ष में हैं। जबकि निर्वाचन आयोग ने अपनी तरफ से तारीफ का सुझाव देते समय यह स्पष्ट कहा था कि मतदान एक चरण में कराने के लिए वह पूरी तरह तैयार है।
समझा जाता है कि नेपाली कांग्रेस ने अगला चुनाव अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ मिल कर लड़ने का मन बना लिया है। गठबंधन संबंधी पेचीदगियां दूर हो गई हैं। इसके बाद गठबंधन में यह समझ बनी कि अब चुनाव कार्यक्रम का एलान करने का सही समय आ गया है।