Nepal Elections 2022: नेपाल में मतदान की तैयारियां जोरों पर, मधेश प्रांत के समीकरणों पर टिकी नजर
Nepal Elections 2022: नेपाल में आम चुनाव के लिए मतदान रविवार को होगा। इस दौरान संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा सात प्रांतों की विधायिकाओं की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 330 सीटों के लिए भी मतदान होगा...
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नेपाल में आम चुनाव के लिए मतदान से दो दिन पहले नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल सभी पार्टियों ने एक साझा अपील जारी की है। इसमें मतदाताओं से गुजारिश की गई है कि वे संविधान की रक्षा और राजनीतिक स्थिरता कायम रखने के लिए गठबंधन को वोट दें। इसके पहले गठबंधन में शामिल सभी दलों ने अपना चुनाव घोषणा पत्र अलग-अलग जारी किया था।
सत्ताधारी गठबंधन में ये पार्टियां शामिल हैं- प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस, पुष्प कमल दहल के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर), माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट), और चित्र बहादुर के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनमोर्चा। गठबंधन ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के नेतृत्व में प्रतिगामी ताकतें इकट्ठा हुई हैं। गठबंधन ने मतदाताओं से इन ताकतों को हराने की अपील की है।
नेपाल में आम चुनाव के लिए मतदान रविवार को होगा। इस दौरान संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा सात प्रांतों की विधायिकाओं की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 330 सीटों के लिए भी मतदान होगा। नेपाल में चुनाव की मिली-जुली प्रणाली को अपनाया गया है। प्रत्यक्ष निर्वाचन और आनुपातिक प्रतिनिधित्व विधि के जरिए चुनाव होता है। आनुपातिक विधि से प्रतिनिधि सभा की 110 और प्रांतीय असेंबलियों के 220 सीटों का आवंटन होगा।
इस चुनाव में खास ध्यान मधेश प्रांत पर टिका हुआ है। मधेश प्रांत में अन्य राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ नए नागरिकता कानून से जुड़ा विवाद भी मुद्दा बना हुआ है। इस राज्य में पिछले वर्षों के दौरान जोरदार जन आंदोलन हुए हैं। राज्य में मुख्य असर मधेशी समुदाय की अपनी पार्टियों का रहा है। लेकिन हाल में इन पार्टियों की पकड़ टूटने के संकेत मिले हैँ। इस साल मई में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान नेपाली कांग्रेस ने यहां आश्चर्यजनक रूप से बेहतर प्रदर्शन किया। वह सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी।
अब पर्यवेक्षकों की निगाह यह देखने पर है कि क्या मधेशी पार्टियां अपनी ताकत वापस हासिल कर पाती हैं। समझा जाता है कि नेपाल की अगली सरकार के गठन में इस राज्य से उभरने वाले चुनाव नतीजों की खास भूमिका होगी। यूएमएल ने आम चुनाव में मधेश इलाके की पार्टियों जनता समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी से तालमेल किया है। स्थानीय चुनावों में यूएमएल नेपाली कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। इसलिए इन चुनावों में वह अपने सहयोगी दलों के साथ सत्ताधारी गठबंधन को कड़ी टक्कर दे रही है। जबकि जनता समाजवादी सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है।
नेपाल में मतगणना बहुती धीमी रफ्तार से होती है। इस बार खुद निर्वाचन आयोग ने कहा है कि सारे नतीजों का एलान आठ दिसंबर तक जाकर हो पाएगा। आनुपातिक प्रतिधिनित्व वाली सीटों को तय करने की जटिल प्रक्रिया यहां अपनाई गई है। इसलिए पूरी चुनावी सूरत उभरने में काफी समय लग जाता है।