{"_id":"5edf71508a9c37259303cc0c","slug":"nepal-defense-minister-ishwar-pokhrel-said-to-solve-border-issue-with-india-via-dialogue","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल के रक्षा मंत्री ने कहा, बातचीत से सुलझाएंगे भारत से सीमा विवाद, सैन्य तैनाती का कोई अर्थ नहीं","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
नेपाल के रक्षा मंत्री ने कहा, बातचीत से सुलझाएंगे भारत से सीमा विवाद, सैन्य तैनाती का कोई अर्थ नहीं
Tue, 09 Jun 2020 06:07 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 09 Jun 2020 06:07 PM IST
विज्ञापन
नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
नेपाल के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने कहा है कि वह भारत के साथ सीमा विवाद को बातचीत के जरिए हल करेंगे। पोखरेल ने कहा, 'हम भारत के साथ सीमा विवाद को वार्ता के जरिए सुलझाएंगे, हम लगातार इस बात को कह रहे हैं। सेना तैनात करने का कोई मतलब नहीं है।'
विज्ञापन
We will solve the border issue through dialogue with India, it is our consistent point. There is no sense in deploying the Army: Nepal Deputy PM and Defense Minister Ishwar Pokhrel pic.twitter.com/XFKvvvPQ4V
— ANI (@ANI) June 9, 2020विज्ञापन
भारत और नेपाल के बीच विवाद की वजह भारत द्वारा तैयार की गई लिपुलेख-धारचूला सड़क है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते दिनों उत्तराखंड में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सीमा से लगी रणनीतिक रूप से बेहद अहम 80 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया था।
विज्ञापन
पड़ोसी देश नेपाल ने सड़क के उद्घाटन पर आपत्ति जताई थी। नेपाल ने इसे एकतरफा कार्रवाई करार बताते हुए कहा था यह कदम सीमा से जुड़े मुद्दों के हल के लिए दोनों देशों के बीच हुई सहमति के खिलाफ है। वहीं, नेपाल ने अपने नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल का हिस्सा बताया गया था।
नेपाल की संसद नए राजनीतिक नक्शे के लिए किए जा रहे संविधान संशोधन पर मुहर लगाने के लिए लगभग तैयार हो गई है। नेपाल के कानून मंत्री शिवमाया तुमबाहंगफे ने आज संसदीय बैठक में चर्चा के लिए नेपाल के संविधान में अपडेटेड मानचित्र को शामिल करने के लिए संशोधन प्रस्ताव पेश करने के लिए कहा।
नेपाली मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, संविधान संशोधन के पास होते ही इस विवादित नक्शे को नेपाल के अंदर कानूनी वैधता मिल जाएगी, जिसमें भारत के उत्तराखंड राज्य के तीन इलाकों कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को भी नेपाल ने अपना क्षेत्र दिखाया है। भारत इस नक्शे पर आपत्ति जता रहा है।