{"_id":"65b55a812e552619740c5cf5","slug":"nawaz-sharif-party-manifesto-focus-on-message-of-peace-with-india-on-condition-of-kashmir-pakistan-elections-2024-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan: आम चुनाव से पहले नवाज शरीफ ने अलापा कश्मीर राग, घोषणापत्र में भारत के साथ सशर्त शांति स्थापना पर जोर","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan: आम चुनाव से पहले नवाज शरीफ ने अलापा कश्मीर राग, घोषणापत्र में भारत के साथ सशर्त शांति स्थापना पर जोर
Sun, 28 Jan 2024 01:03 AM IST
गुलाम अहमद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sun, 28 Jan 2024 01:03 AM IST
सार
पाक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमएल-एन के घोषणापत्र में कहा गया है कि भारत को शांति का संदेश इस शर्त पर भेजा जाएगा कि वह कश्मीर को लेकर अगस्त 2019 का अपना फैसला वापस ले।
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के साथ शांति स्थापना पर जोर दिया है। दरअसल, आठ फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव को लेकर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें भारत समेत अन्य देशों को शांति का संदेश भेजने पर जोर दिया गया है। पाक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि भारत को शांति का संदेश इस शर्त पर भेजा जाएगा कि वह कश्मीर को लेकर अगस्त 2019 का अपना फैसला वापस ले।
शांति संदेश के लिए शरीफ की पार्टी ने जो शर्त रखी है, वह कभी पूरी होने वाली नहीं है। भारत ने पाकिस्तान को एक बार नहीं, कई बार साफ तौर पर बोला है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। जहां तक अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने की बात है तो यह पूरी तरह से भारत और उसके संविधान का आंतरिक मामला है।
आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाने का वादा
शरीफ की पार्टी के घोषणापत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाने का भी वादा किया गया है। पीएमएल-एन के अन्य एजेंडे में सुरक्षित जल और निर्यात के जरिये अर्थव्यवस्था में जान फूंकना शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ की पार्टी ने सत्ता में आने पर सस्ती और नियमित बिजली के साथ तेज विकास का वादा किया है। वादों में बिजली दरों में 20 से 30 प्रतिशत की कटौती, बिजली उत्पादन में 15,000 मेगावाट की वृद्धि और सौर ऊर्जा उत्पादन में 10,000 मेगावाट की बढ़ोतरी शामिल है।
विज्ञापन
युवाओं के लिए लोकलुभावन वादे
युवाओं को लुभाने के लिए पार्टी ने संसद, प्रांतीय और स्थानीय सरकारों में युवाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का वादा किया है। साथ पार्टी ने छात्र संघों को बहाल करने, राष्ट्रीय युवा योजना का विस्तार, आईटी स्टार्टअप के लिए फंड जारी करने और युवा उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की बात कही है।
पीपीपी के घोषणापत्र में निवेश और रोजगार सृजन पर जोर
वहीं, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने 'चुनो नई सोच को' नाम से अपना घोषणापत्र जारी किया है। पार्टी ने दावा किया कि वह नकदी संकट से जूझ रहे देश में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई से निपटने की योजना लाएगी। पीपीपी ने विकास, निवेश और रोजगार सृजन सुनिश्चित करके कर्मचारियों की आय को दोगुना करने का वादा किया। घोषणापत्र में कहा गया है कि न्यूनतम वेतन को जीवनयापन योग्य वेतन तक ले जाने के लिए हर साल आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। पार्टी का कहना है कि उसका घोषणापत्र मुख्य रूप से गरीबी से निपटने और कामकाजी और निचले वर्ग को सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित है। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की रूपरेखा तैयार करता है।
पाकिस्तान में 12.8 करोड़ मतदाता चुनेंगे अपने सांसद
पाकिस्तान में आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव में 12.8 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने वाले हैं। इसके लिए पाकिस्तान चुनाव आयोग ने 90,675 मतदान केंद्र बनाए हैं। चुनाव आयोग ने जो कार्यक्रम जारी किया है इसमें सभी चार प्रांतों और संघीय राजधानी में मतदान केंद्रों की जानकारी दी गई है। मतदान केंद्रों को सामान्य पोलिंग बूथ, संवेदनशील या अत्यधिक संवेदनशील मतदान केंद्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है। पोलिंग बूथ को सुरक्षा स्थिति और चुनावी हिंसा के इतिहास के आधार पर बांटा गया है। देश में 90,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशनों पर 2,76,402 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
विज्ञापन
शांति संदेश के लिए शरीफ की पार्टी ने जो शर्त रखी है, वह कभी पूरी होने वाली नहीं है। भारत ने पाकिस्तान को एक बार नहीं, कई बार साफ तौर पर बोला है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। जहां तक अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने की बात है तो यह पूरी तरह से भारत और उसके संविधान का आंतरिक मामला है।
विज्ञापन
आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाने का वादा
शरीफ की पार्टी के घोषणापत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाने का भी वादा किया गया है। पीएमएल-एन के अन्य एजेंडे में सुरक्षित जल और निर्यात के जरिये अर्थव्यवस्था में जान फूंकना शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ की पार्टी ने सत्ता में आने पर सस्ती और नियमित बिजली के साथ तेज विकास का वादा किया है। वादों में बिजली दरों में 20 से 30 प्रतिशत की कटौती, बिजली उत्पादन में 15,000 मेगावाट की वृद्धि और सौर ऊर्जा उत्पादन में 10,000 मेगावाट की बढ़ोतरी शामिल है।
विज्ञापन
युवाओं के लिए लोकलुभावन वादे
युवाओं को लुभाने के लिए पार्टी ने संसद, प्रांतीय और स्थानीय सरकारों में युवाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का वादा किया है। साथ पार्टी ने छात्र संघों को बहाल करने, राष्ट्रीय युवा योजना का विस्तार, आईटी स्टार्टअप के लिए फंड जारी करने और युवा उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की बात कही है।
पीपीपी के घोषणापत्र में निवेश और रोजगार सृजन पर जोर
वहीं, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने 'चुनो नई सोच को' नाम से अपना घोषणापत्र जारी किया है। पार्टी ने दावा किया कि वह नकदी संकट से जूझ रहे देश में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई से निपटने की योजना लाएगी। पीपीपी ने विकास, निवेश और रोजगार सृजन सुनिश्चित करके कर्मचारियों की आय को दोगुना करने का वादा किया। घोषणापत्र में कहा गया है कि न्यूनतम वेतन को जीवनयापन योग्य वेतन तक ले जाने के लिए हर साल आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। पार्टी का कहना है कि उसका घोषणापत्र मुख्य रूप से गरीबी से निपटने और कामकाजी और निचले वर्ग को सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित है। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की रूपरेखा तैयार करता है।
पाकिस्तान में 12.8 करोड़ मतदाता चुनेंगे अपने सांसद
पाकिस्तान में आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव में 12.8 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने वाले हैं। इसके लिए पाकिस्तान चुनाव आयोग ने 90,675 मतदान केंद्र बनाए हैं। चुनाव आयोग ने जो कार्यक्रम जारी किया है इसमें सभी चार प्रांतों और संघीय राजधानी में मतदान केंद्रों की जानकारी दी गई है। मतदान केंद्रों को सामान्य पोलिंग बूथ, संवेदनशील या अत्यधिक संवेदनशील मतदान केंद्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है। पोलिंग बूथ को सुरक्षा स्थिति और चुनावी हिंसा के इतिहास के आधार पर बांटा गया है। देश में 90,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशनों पर 2,76,402 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।