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हवा और अंतरिक्ष कहां मिलते हैं...? पता लगाने के लिए नासा ने लॉन्च किया उपग्रह
Fri, 11 Oct 2019 10:51 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 11 Oct 2019 10:51 AM IST
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NASA ICON
- फोटो : NASA Twitter
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नासा ने गुरुवार रात को एक उपग्रह को लॉन्च किया है जो पता लगाएगा कि हवा और अंतरिक्ष आपस में कहां मिलते हैं। इस उपग्रह का नाम आइकॉस्फेरिक कनेक्शन एक्सप्लोरर है। इस उपग्रह को दो साल की देरी लॉन्च किया गया है।
इस उपग्रह को फ्लोरिडा तट से दूर अटलांटिक महासागर के ऊपर से उड़ान भरते हुए एक विमान से गिराया गया। विमान से गिराए जाने के पांच सेकेंड बाद उपग्रह में लगे रॉकेट ने इसे पूर्व निर्धारित पथ पर लेकर गया।
यह उपग्रह वायुमंडल के सबसे उपरी परत आयनमंडल में काम करेगा। पृथ्वी से लगभग 80 किलोमीटर के बाद का संपूर्ण वायुमंडल आयानमंडल कहलाता है। आयतन में आयनमंडल अपनी निचली हवा से कई गुना अधिक है लेकिन इस विशाल क्षेत्र की हवा की कुल मात्रा वायुमंडल की हवा की मात्रा के 200वें भाग से भी कम है। यानी आयनमंडल में हवा का दबाव लगभग नगण्य होता है।
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आयनमंडल की उपयोगिता रेडियो तरंगों के प्रसारण में सबसे अधिक है। सूर्य की पराबैगनी किरणों से तथा अन्य अधिक ऊर्जावाली किरणों और कणिकाओं से आयनमंडल की गैसें आयनित हो जाती हैं। शार्ट वेव्स को हजारों किलोमीटर तक आयनमंडल के माध्यम से ही पहुंचाया जाता है।
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इस उपग्रह को फ्लोरिडा तट से दूर अटलांटिक महासागर के ऊपर से उड़ान भरते हुए एक विमान से गिराया गया। विमान से गिराए जाने के पांच सेकेंड बाद उपग्रह में लगे रॉकेट ने इसे पूर्व निर्धारित पथ पर लेकर गया।
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यह उपग्रह वायुमंडल के सबसे उपरी परत आयनमंडल में काम करेगा। पृथ्वी से लगभग 80 किलोमीटर के बाद का संपूर्ण वायुमंडल आयानमंडल कहलाता है। आयतन में आयनमंडल अपनी निचली हवा से कई गुना अधिक है लेकिन इस विशाल क्षेत्र की हवा की कुल मात्रा वायुमंडल की हवा की मात्रा के 200वें भाग से भी कम है। यानी आयनमंडल में हवा का दबाव लगभग नगण्य होता है।
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आयनमंडल की उपयोगिता रेडियो तरंगों के प्रसारण में सबसे अधिक है। सूर्य की पराबैगनी किरणों से तथा अन्य अधिक ऊर्जावाली किरणों और कणिकाओं से आयनमंडल की गैसें आयनित हो जाती हैं। शार्ट वेव्स को हजारों किलोमीटर तक आयनमंडल के माध्यम से ही पहुंचाया जाता है।
LIVE NOW: Upcoming launch!🚀 Our #NASAICON mission, studying the region where our weather from below meets space weather above 🌩️is scheduled to be air-launched aboard @northropgrumman's #PegasusXL rocket at 9:30pm ET. Tune in: https://t.co/lrCXIapjRQ
— NASA (@NASA) October 11, 2019