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मुहाजिर संगठन का ट्रंप प्रशासन से अनुरोध- पाकिस्तान के सामने उठाएं उत्पीड़न का मुद्दा
Wed, 23 Oct 2019 02:26 PM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 23 Oct 2019 02:26 PM IST
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Nadeem Nusrat
- फोटो : सोशल मीडिया
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अमेरिका स्थित एक मुहाजिर संगठन ने ट्रंप प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह कराची और मुहाजिरों के मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाएं और समुदाय के उत्पीड़न को खत्म करने के लिये हर संभव मदद करें। बता दें कि मुहाजिर उर्दू भाषी लोग हैं जो विभाजन के दौरान 1947 में भारत छोड़ कर पाकिस्तान में बस गये थे। अधिकतर मुहाजिर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बसे हुए हैं।
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साउथ एशिया माइनॉरिटी फाउंडेशन के प्रमुख और वॉयस ऑफ कराची के अध्यक्ष नदीम नुसरत ने दक्षिण एशिया मामलों के अमेरिकी सहायक मंत्री एलिस वेल्स और लोकतंत्र-मानवाधिकार ब्यूरो के सहायक मंत्री रॉबर्ट डेस्ट्रो को लिखे पत्र में ये बातें कहीं हैं।
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नुसरत ने लिखा कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के लिये धार्मिक चरमपंथियों का समर्थन करना पिछले कई वर्षों से सबसे लाभदायक काम रहा है और अमेरिकी करदाताओं के पैसे का आतंकी गतिविधियों में लगातार इस्तेमाल किया जाता रहा है।
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उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में खासकर अफगानिस्तान में सुरक्षा मुद्दों का वास्तविक समाधान तलाशने के लिये अमेरिका को क्षेत्र में विश्वस्त सहयोगी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कराची एवं सिंध प्रांत के अन्य शहरी इलाकों में रह रहे उर्दू भाषी मुहाजिर इस क्षेत्र में अमेरिका के सबसे बेहतर सहयोगी हैं, जो क्षेत्र में लंबे समय तक अमन बनाये रखने में आपकी नीतियों का समर्थन करेंगे।
नदीम नुसरत का पत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें