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म्यांमार: आंग सान सू की पर नया आरोप, अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखे जाने का खतरा बढ़ा

Tue, 16 Feb 2021 10:11 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यांगून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यांगून Published by: प्रियंका तिवारी Updated Tue, 16 Feb 2021 10:11 PM IST
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Myanmar police filed new charge against Aung San Suu Kyi
आंग सान सू की - फोटो : एएनआई

म्यांमार में सत्ता से बेदखल की गई सर्वोच्च नेता आंग सान सू की को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ सकता है। उनके वकील खिन माउंग जाउ ने जानकारी दी है कि पुलिस ने अपदस्थ नेता आंग सान सू की के खिलाफ एक नया आरोप दर्ज किया है, जिसके आधार पर उन्हें बगैर मुकदमे के अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखा जा सकता है। 

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राजधानी नेपीता में एक न्यायाधीश से मुलाकात के बाद वकील खिन माउंग जाउ ने संवाददाताओं से कहा कि सू ची पर प्राकृतिक आपदा प्रबंधन कानून की धारा 25 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है, जिसका इस्तेमाल कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने को लेकर लागू पांबंदियों को तोड़ने वाले लोगों के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए किया जाता है।
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बता दें सू की को एक फरवरी को सैन्य तख्तापलट के तहत अपदस्थ कर हिरासत में ले लिया गया था। वह अवैध रूप से वॉकी-टॉकी रखने के आरोप का सामना कर रही हैं। म्यांमार में कोविड-19 पाबंदियों के उल्लंघन को लेकर अधिकतम तीन साल की कैद की सजा का प्रावधान है।
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हालांकि, नए आरोप के तहत उन्हें बगैर मुकदमे के अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखा जा सकता है। गौरतलब है कि अभी पिछले हफ्ते ही म्यांमार सैन्य शासन ने दंड संहिता में बदलाव किया है, जो अदालत की अनुमति के बगैर हिरासत में रखने का प्रावधान करता है।

म्यांमार में सेना के सत्ता पर कब्जा करने के दो हफ्तों बाद यह कानूनी घटनाक्रम हुआ है। देश में हुए सैन्य तख्तापलट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया। तब से सैन्य शासन ने प्रदर्शनकारियों पर दबाव बढ़ाया है, जिनमें कुछ प्रदर्शनों पर बल प्रयोग करना और इंटरनेट सेवाएं निलंबित करना आदि कदम शामिल हैं।

वहीं, सुरक्षा बलों से प्रदर्शनकारियों की झड़प के एक दिन बाद सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन मंगलवार को फिर शुरू हो गए। इस बीच, सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात में भी प्रशासन ने इंटरनेट सेवा बंद रखी।

सू की के वकील ने संवाददाताओं से कहा कि वह न्यायाधीश की उस वीडियो कांफ्रेंस को देखने के लिए समय पर अदालत नहीं पहुंच सके, जो न्यायाधीश ने सू ची के साथ होने की बात कही है। वकील ने कहा कि वीडियो कांफ्रेंस की उम्मीद नहीं की जा रही थी। उन्होंने अभी तक अपनी मुवक्किल को नहीं देखा है।

म्यांमार के एक समाचार पत्र के मुताबिक नई शीर्ष शासन इकाई ‘स्टेट एडमिंस्ट्रेशन काउंसिल’ के सदस्यों ने एक बैठक में सू की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा स्थापित समानांतर सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने पर चर्चा की।


सेना ने दलील दी है कि पिछले साल के चुनाव में धांधली हुई थी, जिसमें सू की पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की थी। सेना ने यह भी कहा है कि वह नये चुनाव होने से पहले एक साल तक सत्ता पर काबिज रहेंगी। हालांकि, चुनाव आयोग ने चुनावी धांधली के दावों में कोई सच्चाई नहीं पाई है।

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