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म्यांमार: आंग सान सू की को गोपनीयता कानून के उल्लंघन का दोषी ठहराया, सीन टर्नल को भी मिली तीन साल की सजा

Thu, 29 Sep 2022 08:38 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 29 Sep 2022 08:38 PM IST
सार

म्यांमार की कोर्ट ने अपदस्थ नेता आंग सान सू की को गुरुवार को एक और आपराधिक मामले में दोषी करार दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि सू की को गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने के आरोप में तीन साल की कैद की सजा सुनाई है।

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Myanmar deposed leader San Suu Kyi gets three years jail
आंग सान सू की - फोटो : एएनआई

विस्तार

म्यांमार की कोर्ट ने अपदस्थ नेता आंग सान सू की को गुरुवार को एक और आपराधिक मामले में दोषी करार दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि सू की को गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने के आरोप में तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। उनके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई अर्थशास्त्री सीन टर्नल को भी इसी मामले में सू की तरह ही तीन साल कैद की सजा दी गई है। इससे पहले अगस्त माह में भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया है। तब कोर्ट ने उनकी कैद की सजा में छह साल की वृद्धि करने का फैसला सुनाया था। इससे पहले अप्रैल 2022 कोर्ट ने अपदस्थ नेता आंग सान सू की को भ्रष्टाचार के पहले मामले में पांच साल की सजा सुनाई थी। 

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इन अधिकारियों को भी मिली सजा
म्यांमार के एक विधिक अधिकारी ने यह भी बताया कि सू की अलावा उनके मंत्रिमंडल के तीन अन्य सदस्यों को भी दोषी पाया गया है और उन्हें भी तीन-तीन साल कैद की सजा दी गई है। इसके अलावा, टर्नल को आव्रजन कानून के तहत भी दोषी करार दिया गया है, इसके लिए भी उन्हें तीन साल कैद की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। उनकी यह सजा गोपनीयता कानून के उल्लंघन के मामले में मिली सजा के साथ ही यह भी चलेगी। हालांकि वे 20 महीने पहले ही हिरासत में बिता चुके हैं, ऐसे में उनकी सजा में इस अवधि को कम कर दिया जाएगा। 
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जनवरी 2022 में सुनाई गई थी चार साल की सजा
इससे पहले जनवरी 2022 में सू की को अवैध रूप से वॉकी-टॉकी आयात करने और रखने एवं कोरोना प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के जुर्म में चार साल की सजा सुनाई गई थी। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार सू की पर वॉकी-टॉकी रखने का आरोप उस समय लगा था जब सैनिकों ने एक फरवरी, 2021 को सैन्य तख्तापलट के दिन सू ची के आवास पर छापा मारा था। उस दौरान कथित तौर पर प्रतिबंधित उपकरण बरामद किया गया था। सू की की सरकार को जुंटा  सैनिकों द्वारा बेदखल किए जाने के ठीक बाद म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ व्यापक विरोध दिखा जिसके बाद सेना ने खूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस हिंसा अब तक 1500 लोगों की मौत हो चुकी है। सू की पर लगभग एक दर्जन मामले मुकदमे हैं, जिनमें अधिकतम 100 साल से अधिक की जेल की सजा हो सकती है। सू की को सैन्य सरकार ने अज्ञात स्थान पर रखा है। 
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चीन कर रहा सैन्य शासकों की मदद
एक फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना ने निर्वाचित सरकार का  तख्ता पलट कर सत्ता खुद संभाल ली थी। इसके बाद लोकतंत्र समर्थक आंग सान सू की समेत कई बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। तब से चीन से उन्हें लगातार सैन्य और अन्य प्रकार की मदद मिली है। हाल ही में चीन ने म्यांमार के सैनिक शासन के लिए मदद और बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि अपने इस रुख से चीन म्यांमार के सैनिक शासकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिशों में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। 


म्यांमार के राष्ट्रपिता की बेटी हैं सू की
आंग सान सू की  म्यांमार (बर्मा) की पूर्व प्रधानमंत्री, प्रमुख विपक्षी नेता और म्यांमार की नेशनल लीग फार डेमोक्रेसी की नेता हैं। वह बर्मा के राष्ट्रपिता आंग सान की पुत्री हैं। आंग सान की 1947 में राजनीतिक हत्या कर दी गई थी। सू की ने बर्मा में लोकतंत्र की स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया। उन्हें 1991 में नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था। उन्होंने लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के चलते दशकों की जेल काटी है।

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