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Tahawwur Rana: मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा का नया पैंतरा; भारत प्रत्यर्पण पर रोक के लिए नई अर्जी दाखिल की

Fri, 07 Mar 2025 11:09 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, न्यूयॉर्क
पीटीआई, न्यूयॉर्क Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 07 Mar 2025 11:09 AM IST
सार

जनवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका खारिज कर दी थी और उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा (64) को फिलहाल लॉस एंजिलिस के एक मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। तहव्वुर राणा 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पिछले महीने राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।

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Mumbai attack accused Tahawwur Rana new move Filed a new application to stop extradition to India
तहव्वुर राणा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका शीर्ष अदालत से खारिज होने के बाद नया दांव चला है। उसने मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स के सामने एक नई अर्जी दाखिल की है। पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक (64) राणा वर्तमान में लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है।

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26/11 हमले का आरोपी तहव्वुर राणा ने 27 फरवरी को अमेरिका की शीर्ष अदालत के एसोसिएट जस्टिस और नौवें सर्किट की सर्किट जस्टिस एलेना कागन के सामने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपात आवेदन प्रस्तुत किया था। शीर्ष कोर्ट की वेबसाइट पर छह मार्च को प्रकाशित एक नोट में कहा गया, 'अर्जी... न्यायमूर्ति कागन ने अस्वीकार की।'
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नई अर्जी में क्या?
राणा के वकीलों की ओर से गुरुवार को दायर की गई अर्जी के मुताबिक, तहव्वुर राणा ने पहले न्यायमूर्ति कागन के सामने पेश बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने संबंधी अपनी आपात अर्जी अब नवीनीकृत की है। ऐसे में अनुरोध किया जाता है कि नवीनीकृत अर्जी मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स के समक्ष पेश की जाए।
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इस दलील के आधार पर आत्मसमर्पण करने पर रोक लगाने की मांग की थी
अपनी पुरानी अर्जी में तहव्वुर राणा ने 13 फरवरी की याचिका के गुण-दोष के आधार पर अपने प्रत्यर्पण और मुकदमा लंबित रहने तक भारत के समक्ष आत्मसमर्पण करने पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में राणा ने तर्क दिया था कि भारत को उसका प्रत्यर्पण अमेरिकी कानून और यातना के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का उल्लंघन है, क्योंकि यह मानने के पर्याप्त आधार हैं कि यदि उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया तो याचिकाकर्ता को यातना दिए जाने का खतरा होगा।


जनवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका खारिज कर दी थी
याचिका में कहा गया, 'मामले में प्रताड़ित किए जाने की संभावना और भी अधिक है, क्योंकि याचिकाकर्ता मुंबई हमलों में आरोपी पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम है।' याचिका में यह भी कहा गया है कि उसकी गंभीर चिकित्सा स्थिति के कारण उसे भारतीय हिरासत केंद्रों में प्रत्यर्पित करना इस मामले में वास्तव में मौत की सजा है। जनवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका खारिज कर दी थी और उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी।

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