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Bangladesh: मोहम्मद यूनुस का भ्रष्टाचार विरोधी संकल्प टूटा, मुहिम पर उठने लगे सवाल; सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

Sun, 30 Mar 2025 09:51 PM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 30 Mar 2025 09:51 PM IST
सार

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठने लगे हैं। उनके कई सलाहकारों पर सार्वजनिक सेवा के लिए निर्धारित वाहनों का निजी इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। 

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Muhammad Yunus anti-corruption pledge falls apart amid allegations of power and privilege abuse in Bangladesh
मोहम्मद यूनुस, मुख्य सलाहकार, अंतरिम सरकार, बांग्लादेश - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस का भ्रष्टाचार विरोधी संकल्प टूट गया है। अपने कार्यकाल के केवल सात महीनों में ही वह भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के अपने बड़े वादों से पीछे हटने लगे हैं। इससे भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठने लगे हैं।

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एक लेख के अनुसार, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने 8 अगस्त को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी संभालने के बाद, भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने की कसम खाई और इसे अपनी प्राथमिकता बताया था। उन्होंने कहा था कि उनका मिशन बांग्लादेश का पुनर्निर्माण करना है, जिसमें सरकार की शक्ति के दुरुपयोग को रोकना और जवाबदेही लाना शामिल है। हालांकि, यूनुस और उनके सलाहकारों पर उन प्रथाओं में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, जो उनके वादों के विपरीत हैं।
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वाहनों के दुरुपयोग ने आक्रोश को दिया जन्म
एक बांग्लादेशी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यूनुस के कई सलाहकार सार्वजनिक सेवा के लिए निर्धारित वाहनों का निजी उपयोग कर रहे हैं, जबकि नियम ये कहते हैं कि एक सलाहकार के पास सिर्फ एक वाहन हो सकता है। करदाताओं द्वारा वित्तपोषित संसाधनों के इस दुरुपयोग ने लोगों में आक्रोश को जन्म दिया है। 


यूनुस के कार्यालय ने दुरुपयोग को दबाने की कोशिश की
रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी सलाहकारों और यूनुस के कार्यालय ने दुरुपयोग को तब तक दबाने की कोशिश की, जब तक कि इन अनियमितताओं को उजागर नहीं किया गया। अपने सलाहकारों द्वारा शक्ति का इस तरह से दुरुपयोग करने से यूनुस की आवामी लीग को भ्रष्टाचार के एकमात्र स्रोत के रूप में चित्रित करने की कोशिश को और नुकसान पहुंचा है। 

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व्यावसायिक उपक्रमों को तेजी से मिली सरकारी मंजूरी
लेख में उल्लेख किया गया है कि यूनुस ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी बयानबाजी के विपरीत, अपने और अपने सहयोगियों के व्यावसायिक उपक्रमों को तेजी से सरकारी मंजूरी दी, जिसके चलते उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है। सत्ता संभालने के सिर्फ दो महीने के भीतर, उनके माइक्रोक्रेडिट संस्थान, ग्रामीण बैंक को पांच साल की कर छूट दी गई। इसके अलावा, यूनुस और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी तेजी से सरकारी मंजूरी दी गई। 

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