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'हाउडी मोदी' से पहले सोशल मीडिया पर भिड़े भारत और पाकिस्तान के प्रवासी

Fri, 20 Sep 2019 10:30 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 20 Sep 2019 10:30 AM IST
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mosque pick ups in america before howdy modi event is raising concern
पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

अमेरिका में 22 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदू अमेरिकियों और भारतीय अमेरिकियों को संबोधित करने वाले हैं। उससे पहले अमेरिका में भारत और पाकिस्तानी प्रवासियों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। भारतीयों ने इस आयोजन से पहले पाकिस्तानियों पर प्रोपेगैंडा चलाने का आरोप लगाया है। भारत समर्थक कार्यकर्ताओं का कहना है बड़ी संख्या में मस्जिदों और इस्लामिक सेंटर्स में लोग पहुंचे हैं जो कार्यक्रम के विरोध की योजना बना रहे हैं। 

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प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अमेरिका के दौरे पर रवाना होने वाले हैं। मोदी की रैली में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शिरकत करेंगे। रैली के विरोध के लिए केंद्र के तौर पर मस्जिदों को चुनने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। समर्थकों ने इसे लेकर ह्यूस्टन पुलिस, एफबीआई, यूएस सीक्रट सर्विस और इमिग्रेशन अथॉरिटीज को टैग करके शिकायत की है। उन्होंने  राजनीतिक फायदे के लिए मस्जिदों के इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की है। 
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यह मामला पहली बार तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक कार्यकर्ता ने 13 स्थानों के बारे में बताया था। जहां हाउडी मोदी कार्यक्रम का विरोध करने के लिए लोगों को ले जाया जा रहा है। कार्यकर्ता के ट्वीट पर भारतीय मूल के एक नागरिक ने लिखा,  'मोदी और ट्रंप के खिलाफ आंदोलन करने वाले लोगों को मस्जिदों से पिक किया जा रहा है। देखें ये किस तरह से काम कर रहे हैं। मस्जिदें अब इबादत करने का स्थान नहीं बल्कि समन्वय और नियंत्रण का ठिकाना बन गई हैं।'
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एक पाकिस्तान समर्थक जिसे कि मस्जिदों से पिक अप में कोई बुराई नहीं दिखाई दी। उसने कहा, 'बिलकुल वैसे ही जैसे चर्चों, विलेज गॉल्स, टाउन हॉल्स, स्कूल और अन्य इमारतों का इस्तेमाल स्थानीय समुदाय के काम के लिए किया जाता है। इसपर क्या कहेंगे?' एक अन्य भारतीय ने लिखा, 'आप कल्पना कीजिए कि यदि इस तरह से लोग मंदिरों में जुट रहे होते तो अबतक हिंदू आतंकवाद का लेबल लग गया होता।' 

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