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Afghanistan: काबुल में हुई 'मॉस्को प्रारूप पर वार्ता', अफगानिस्तान में समावेशी सरकार का आह्वान

Thu, 17 Nov 2022 09:11 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 17 Nov 2022 09:11 AM IST
सार

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को हुई इस बैठक में रूस, भारत, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गीस्तान, ताजिकिस्तान, तजाकिस्तान, तुर्केमेनिस्तान व उज्बेकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि शामिल हुए।

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Moscow format of talks on Afghanistan, India called inclusive government in Kabul
अफगानिस्तान पर मॉस्को प्रारूप वार्ता हुई - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

अफगानिस्तान की सरजमीं से आतंकवाद के खात्मे के लिए भारत समेत कई देशों ने 'मॉस्को प्रारूप पर वार्ता' (Moscow format) में हिस्सा लिया। भारत ने इसमें अफगानिस्तान में वास्तविक समावेशी सरकार बनाने का आह्वान किया। यह बैठक अफगानिस्तान की स्थिति पर विचार के लिए बुलाई गई थी। 

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रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को हुई चौथी बैठक में रूस, भारत, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गीस्तान, ताजिकिस्तान, तजाकिस्तान, तुर्केमेनिस्तान व उज्बेकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि शामिल हुए। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि सहभागी देशों ने अमेरिका द्वारा जब्त अफगानिस्तान की संपत्तियों को पूरी तरह मुक्त करने की मांग की। 
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बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि इन देशों ने अमेरिका और अन्य उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों से संपत्तियां मुक्त करने का आग्रह किया, ताकि इस दौरान अफगान लोगों को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जा सके।  अमेरिका के नेतृत्व में नाटो देशों ने अफगानिस्तान में 20 साल तक सेना तैनात की थी। बैठक में कतर, यूएई, सऊदी अरब और तुर्की के प्रतिनिधि अतिथि के रूप में मौजूद थे।
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आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए तालिबान
साझा बयान में अफगानिस्तान में पदस्थ तालिबान सरकार से आग्रह किया गया है कि वह देश में मौजूद आतंकी संगठनों के खिलाफ और सख्त कदम उठाए और उनके खात्मे के उपाय करे। ये कदम नजर आने वाले और ठोस होना चाहिए। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अफगानिस्तार फिर कभी आतंकवाद का केंद्र व उसका प्रसारक देश न बने। बैठक में सहभागी देशों ने फिर कहा कि वे अफगानिस्तान को आतंक से मुक्त करने के लिए मदद को तैयार हैं। 

रूसी दूतावास पर हमले की निंदा
साझा बयान में निर्दोष अफगानियों, सार्वजनिक स्थानों और शिक्षा संस्थानों तथा हाल ही में काबुल में रूसी दूतावास पर हमले की निंदा की गई। बैठक में अफगानिस्तान व क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम पर भी विचार किया गया। 

महिलाओं के जिम जाने पर रोक
अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ देश में सत्तारूढ़ तालिबान के जुल्म रुकने का नाम नहीं ले रहे है। हाल ही में महिलाओं के  जिम जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सत्ता संभालने के बाद महिलाओं के अधिकारों और स्वतंत्रता पर नकेल कसने के लिए नए-नए फरमान जारी करता आया है। 

तालिबान पिछले साल अगस्त 2021 में अमेरिकी फौज की पूर्ण वापसी के बाद सत्ता पर काबिज हुआ था। इसके बाद देश में माध्यमिक और उच्चतर विद्यालय जाने पर लड़कियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। महिलाओं को रोजगार के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रतिबंधित कर दिया गया था। इतना ही नहीं, महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सिर से लेकर पैर तक बुर्के में ढके रहने का आदेश भी दिया गया था।
 

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