पाकिस्तान: मस्जिद से पानी भरने से नाराज भीड़ ने हिंदू परिवार को बंधक बनाकर पीटा, इमरान खान की पार्टी के थे हमलावर
पाकिस्तान में हिंदू परिवारों के उत्पीड़न की खबर कोई नई नहीं है। इससे पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पीड़ित परिवार पर आरोप है कि उन्होंने मस्जिद की पवित्रता को भंग किया।
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पाकिस्तान में एक बार फिर हिंदू परिवार के उत्पीड़न की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक यहां पर एक हिंदू परिवार पर लोगों ने हमला किया और परिवार के सभी लोगों को बंधक बनाकर पीटा। यहां तक पुलिस ने भी पीड़ित की शिकायत पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया।
घटना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की है। आरोप है कि हिंदू परिवार के लोग पास की मस्जिद से पीने का पानी लेने गए हुए थे। इस पर कई लोगों ने आपत्ति जताई और उन पर मस्जिद की पवित्रता भंग करने का अरोप लगाया गया।
डॉन अखबार के हवाले से बताया गया कि पीड़ित आलम राम भील पंजाब के रहीम यार खान शहर में रहता है। उसने बताया कि जब उसके परिवार के लोग पास की मस्जिद से पानी भरने के लिए गए हुए थे। तभी कुछ लोगों ने आकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
इमरान खान की पार्टी के थे हमलावर
पीड़ित ने बताया कि जब उसका परिवार वापस घर आया तो उन लोगों ने सभी को बंधक बना लिया और मस्जिद की पवित्रता भंग करने का आरोप लगाकर पीटने लगे। आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर मुकदमा नहीं दर्ज किया। क्योंकि हमलावर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी से जुड़े हुए थे।
पुलिस सटेशन के बाहर धरने पर बैठा परिवार
मुकदमा न दर्ज किए जाने से नाराज हिंदू परिवार पाकिस्तान के पुलिस स्टेशन के बाहर बैठ गया। इसके बाद डिस्ट्रिक पीस कमेटी के सदस्य पीटर जॉन भील की मदद से उसकी शिकायत दर्ज की गई। पुलिस अधिकारी असद सरफराज का कहना है कि वह इस मामले की जांच कर रहे हैं।
75 लाख हिंदू रहते हैं पाकिस्तान में
पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय में से एक हैं। आंकड़ों की मानें तो करीब 75 लाख हिंदू पाकिस्तान में रह रहे हैं। हालांकि, अल्पसंख्यकों का कहना है कि उनकी आबादी 90 लाख के करीब है। ज्यादातर हिंदू परिवार सिंध प्रांत में रहते हैं। जहां से अक्सर उनके साथ मारपीट, उत्पीड़न की खबरें आती रहती हैं।
बौद्ध विरासत नष्ट होने से श्रीलंका नाराज
पाक में बौद्ध विरासत स्थलों को नष्ट करने पर श्रीलंका ने नाराजगी जताई है। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्ते भी प्रभावित भी हो सकते हैं। यहां स्वात घाटी के विरासत स्थलों में बौद्ध नक्काशी, स्तूपों और बुद्ध की मूर्तियों को विध्वंस किया गया है। इसके अलावा, चीनी मदद से बन रही बांध व सह जलविद्युत परियोजना के तहत पीओके क्षेत्र में बौद्ध मूल की 30,000 नक्काशी और मूर्तियां नष्ट की जा रही हैं। 2020 में खैबर पख्तूनख्वा में बुद्ध की 1,700 साल पुरानी एक मूर्ति को भी ध्वस्त कर दिया गया।