{"_id":"5da13ef58ebc3e013a3e4d9d","slug":"mike-pompeo-says-that-his-country-is-deploying-additional-forces-and-military-equipment-to-saudi","type":"story","status":"publish","title_hn":"सऊदी अरब में अतिरिक्त सैन्य बल और उपकरणों की तैनाती करेगा अमेरिका: माइक पॉम्पियो ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
सऊदी अरब में अतिरिक्त सैन्य बल और उपकरणों की तैनाती करेगा अमेरिका: माइक पॉम्पियो
Sat, 12 Oct 2019 08:18 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 12 Oct 2019 08:18 AM IST
विज्ञापन
माइक पॉम्पियो (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने शुक्रवार को बताया कि उनका देश सऊदी अरब में 3000 अतिरिक्त सैनिक बल और सैन्य उपकरणों की तैनाती करने वाला है। जिससे कि अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को बढ़ाया और ईरानी आक्रामकता को कम किया जा सके। इस बात की जानकारी पॉम्पियो ने ट्विटर के जरिए दी।
विज्ञापन
पॉम्पियो ने ट्वीट में कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को बढ़ाने और ईरान की जारी आक्रामकता को कम करने में मदद करने के लिए सऊदी अरब में अतिरिक्त बल और सैन्य उपकरण तैनात कर रहा है।' उन्होंने ईरान से एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
पॉम्पियो ने कहा, 'ईरानी शासन को मौलिक रूप से अपने व्यवहार को बदलना चाहिए और एक सामान्य राष्ट्र की तरह काम करना चाहिए। या फिर वह अपनी अर्थव्यवस्था को ढहते हुए देखेंगे।' कुछ हफ्तों पहले अमेरिका ने कहा था कि वह चार रडार सिस्टम, पैट्रिएट मिसाइल की एक बैटरी और लगभग 200 बलों को सऊदी अरब भेजेगा।
विज्ञापन
वहीं, ईरान के लिए विशेष अमेरिकी दूत ब्रायन हुक ने विदेश विभाग के संवाददाताओं से कहा, 'आज,अतिरिक्त 3,000 सैनिक सऊदी अरब में जाएंगे।'
पत्रकारों से बातचीत में, हुक ने कहा कि सऊदी अरब अमेरिका का एक लंबे समय से सुरक्षा भागीदार है और उसने अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त समर्थन की मांग की और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का बचाव करने के लिए अतिरिक्त समर्थन का अनुरोध किया।
इस महीने की शुरुआत में सऊदी के तेल संयंत्रों पर हमला हुआ था। इसी कारण सऊदी की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका सैन्य उपकरणों को सऊदी में भेज रहा है। जिससे कि ईरान पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाया जा सके।