US: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के फिर अध्यक्ष चुने गए माइक जॉनसन, डोनाल्ड ट्रंप का मिला पूर्ण समर्थन
रिपब्लिकन माइक जॉनसन को शुक्रवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना गया है। उन्हें ट्रप का महत्वपूर्ण समर्थन मिला, जिससे 2025 के सत्र की शुरुआत में आए गतिरोध का अंत हो गया।
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डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। वह 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। इससे पहले, ट्रंप अपने नए कार्यकाल के लिए नियुक्तियां कर रहे हैं। इसी कड़ी में, रिपब्लिकन माइक जॉनसन को शुक्रवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना गया है। उन्हें ट्रप का महत्वपूर्ण समर्थन मिला, जिससे 2025 के सत्र की शुरुआत में आए गतिरोध का अंत हो गया।
बता दें कि जॉनसन ने कानून पारित करने के लिए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम किया, जिससे कुछ रिपब्लिकन नाराज हो गए थे। उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए तनावपूर्ण बातचीत करनी पड़ी, जिसमें कई रिपब्लिकन ने उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए।
तीन रिपब्लिकन ने जॉनसन का नहीं किया समर्थन
2023-25 के सत्र में, लुइसियाना के सांसद माइक जॉनसन को खर्चों को लेकर काफी गुस्से का सामना करना पड़ा। कुछ कट्टरपंथी सदस्यों ने उन पर घाटे को लेकर नरम होने का आरोप लगाया। मतदान के समय, केवल तीन रिपब्लिकन ने उनका समर्थन नहीं किया, जबकि सभी 215 डेमोक्रेट्स ने अपने नेता हकीम जेफ्रीज का समर्थन किया। हालांकि जॉनसन ने अपनी स्पीकरशिप के लिए दो लोगों को अपना रुख बदलने के लिए मना लिया।
सीमित रहा जॉनसन का विरोध
केंटकी के रूढ़िवादी कट्टरपंथी थॉमस मैसी के अलावा, जॉनसन का विरोध ज्यादातर सीमित ही रहा। उन्होंने पूरे सप्ताह उन लोगों के साथ बातचीत की, जिन्होंने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया।
जॉनसन ने मतदान से पहले आलोचकों को किया आश्वस्त
मतदान से पहले, जॉनसन ने अपने आलोचकों को आश्वस्त करने के लिए कहा कि वह 'संघीय सरकार के आकार और दायरे को कम करने, नौकरशाही को जिम्मेदार ठहराने, और अमेरिका को बेहतर वित्तीय स्थिति में लाने' के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने भी उन्हें 100% समर्थन देने की बात कही और शुभकामनाएं दीं।
ट्रंप का समर्थन नहीं मिलता तो हार सकते थे जॉनसन
जॉनसन की हार ट्रंप के लिए एक और शर्मिंदगी होती, खासकर जब सदन के रिपब्लिकन उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे थे। अगर जॉनसन को ट्रम्प का समर्थन नहीं मिलता, तो उनकी स्थिति कमजोर हो सकती थी, क्योंकि कुछ उदारवादी रिपब्लिकन अन्य विकल्पों पर विचार करने लगते।
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