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Mexico: मैक्सिको के इतिहास में पहली बार न्यायिक चुनाव, खड़ा हुआ विवाद; प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं में भ्रम

Sun, 01 Jun 2025 06:12 PM IST
निर्मल कांत वैर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैक्सिको सिटी।
वैर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैक्सिको सिटी। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 01 Jun 2025 06:12 PM IST
सार

Mexico: मैक्सिको में पहली बार न्यायिक चुनाव हो रहे हैं, जिसमें जनता ने 7,700 से ज्यादा उम्मीदवारों में से जजों का चुनाव करना है। मतदाता चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रमित हैं, क्योंकि न तो उन्हें उम्मीदवारों की सही जानकारी है, न ही प्रचार की इजाजत है। आरोप है कि कई उम्मीदवारों का आपराधिक इतिहास रहा है। 

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Mexico's first judicial elections stir controversy, confusion among voters
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

मैक्सिको में रविवार को इतिहास में पहली बार न्यायिक चुनाव हो रहे हैं, जिसने देश में विवाद खड़ा कर दिया है। इसने उन मतदाताओं को उलझन में डाल दिया है, जो अब भी इस प्रक्रिया को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इस नए बदलाव से देश की अदालत प्रणाली पूरी तरह बदल सकती है। 

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पिछले साल के अंत में मेक्सिको की सत्तारूढ़ पार्टी मोरेना ने अदालत प्रणाली में बड़े बदलाव किए थे। इसका विरोध करते हुए कई लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके न्यायपालिका पर कब्जा करना चाहती है, जो अब तक उसके नियंत्रण से बाहर रही है।
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कानूनी संगठन 'ज्यूसिओ जस्तो' की निदेशक लॉरेंस पातिन ने कहा, यह अदालत प्रणाली को अपने काबू में करने की कोशिश है। न्यायपालिका अब तक सत्ता वालों की आंख की किरकिरी बनी हुई थी। मगर एक मजबूत लोकतंत्र में यही संतुलन बनाए रखने का जरिया होता है।  अब तक न्यायाधीशों की नियुक्ति उनके अनुभव और योग्यता के आधार पर होती थी, लेकिन इस बार करीब 7,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से 2,600 से ज्यादा न्यायिक पदों के लिए जनता वोट डालेगी।

राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम और उनकी पार्टी का कहना है कि यह चुनाव न्याय व्यवस्था से भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक कदम है, क्योंकि देश लंबे समय से अपराधियों को सजा ना मिल पाने  की समस्या से जूझ रहा है। लेकिन आलोचक कहते हैं कि इससे लोकतंत्र कमजोर होगा और अपराधी व भ्रष्ट ताकतें न्यायपालिका में घुसपैठ कर सकती हैं।


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'डिफेन्सोरक्स' जैसे नागरिक समूहों ने कई उम्मीदवारों पर सवाल उठाए हैं। इनमें कुछ ऐसे वकील शामिल हैं, जो मैक्सिको के कुख्यात ड्रग माफियाओं के मुकदमे लड़ चुके हैं। इसके अलावा, कुछ ऐसे अधिकारी भी चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार के कारण पद छोड़ना पड़ा था और यहां तक कि कुछ पूर्व अधिकारी जो अमेरिका में ड्रग तस्करी के मामले में जेल की की सजा भी काट चुके हैं। 

कुछ उम्मीदवारों का संबंध एक धार्मिक समूह से है, जिसके आध्यात्मिक नेता अमेरिका में बच्चों के यौन शोषण के जुर्म में सजा काट रहे हैं। दूसरी तरफ, मतदाता प्रक्रिया को लेकर भ्रमित हैं। लॉरेंस पातिन के अनुसार, चुनाव की योजना जल्दबाजी में बनाई गई है और लोग जानते ही नहीं कि किसे वोट दें। कई जगहों पर एक-एक पद के लिए 100 से ज्यादा उम्मीदवार हैं और उम्मीदवारों को न तो अपनी पार्टी की पहचान बताने की अनुमति है, न ही वे खुलकर प्रचार कर सकते हैं। नतीजा ये है कि लोग आंख मूंदकर वोट डालने जा रहे हैं।


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