Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदू रैलियों पर हमले में 50 घायल, चिन्मयप्रभु की गिरफ्तारी का मामला
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन करने पर इस्कॉन के चिन्मय प्रभु पर कार्रवाई की गई है। उनको देशद्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में बांग्लादेश पुलिस ने ढाका एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। इसके खिलाफ हिंदू समुदाय के लोग ढाका की सड़कों पर उतर पड़े और जाम लगा दिया।
विस्तार
बांग्लादेश में इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी के बाद विरोध में ढाका की सड़कों पर उतरे हिंदू समुदाय की रैलियों पर हमला कर दिया। इस हमले में 50 लोगों के घायल होने की खबर है।
बता दें कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन करने पर इस्कॉन के चिन्मय प्रभु पर कार्रवाई की गई है। उनको देशद्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में बांग्लादेश पुलिस ने ढाका एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। इसके खिलाफ हिंदू समुदाय के लोग ढाका की सड़कों पर उतर पड़े और जाम लगा दिया। चिन्मय प्रभु बांग्लादेश में सनातन जागरण मंच के प्रवक्ता के रूप में भी काम कर रहे हैं।
इस्कॉन ने बांग्लादेश सरकार से चिन्मय की रिहाई की मांग की
चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद इस्कॉन ने एक्स पर एक पोस्ट किया। जिसमें में कहा, हमें चिंता जनक खबर मिली है कि इस्कॉन बांग्लादेश के प्रमुख नेता चिन्मय कृष्ण दास को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोप लगाना गलत और अपमानजनक है कि इस्कॉन का आतंकवाद से कोई लेना-देना है। इस्कॉन, भारत सरकार से तुरंत कदम उठाने और बांग्लादेश सरकार से बात करने की अपील करता है। हम एक शांतिपूर्ण भक्ति आंदोलन हैं। हम चाहते हैं कि बांग्लादेश सरकार चिन्मय कृष्ण दास को जल्दी से रिहा करे। हम भगवान कृष्ण से इन भक्तों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं।
ISKCON tweets, "We have come across disturbing reports that Sri Chinmoy Krishna Das, one of the prominent leaders of ISKCON Bangladesh, has been detained by the Dhaka police. It is outrageous to make baseless allegations that ISKCON has anything to do with terrorism anywhere in… pic.twitter.com/Db8xG1JX3y
— ANI (@ANI) November 25, 2024
देशद्रोह का मुकदमा हो चुका दर्ज
30 अक्तूबर को बांग्लादेश में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में देशद्रोह अधिनियम के तहत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु समेत 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। आरोप है कि 25 अक्तूबर को चटगांव के लालदीघी मैदान में सनातन जागरण मंच ने आठ सूत्री मांगों को लेकर एक रैली की थी। इस दौरान एक चौक पर स्थित आजादी स्तंभ पर कुछ लोगों ने भगवा ध्वज फहराया था। इस ध्वज पर आमी सनातनी लिखा हुआ था। इसे लेकर चिन्मय कृष्ण दास पर राष्ट्रीय झंडे की अवमानना व अपमान करने का आरोप लगाया गया है।
यह मांग कर रहे हिंदू अल्पसंख्यक
अक्तूबर से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों की मांग को लेकर सनातन जागरण मंच ने चटगांव में विरोध प्रदर्शन शुरू किए थे। इसमें चिन्मय कृष्ण दास प्रभु ने कई बार सरकार पर हमला बोला। उनके नेतृत्व में हिंदू अल्पसंख्यकों ने आठ प्रमुख मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है। इसमें अल्पसंख्यकों के विरुद्ध अपराध शामिल लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए न्यायाधिकरण का गठ, पीड़ितों को मुआवजा और उनका पुर्नवास, अल्पसंख्यक संरक्षण कानून को लागू करने, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का गठन, शैक्षिक संस्थानों और छात्रावास में अल्पसंख्यकों के प्रार्थना स्थल और पूजा कक्ष बनाने, हिंदू, बौद्ध और ईसाई वेलफेयर ट्रस्टों को प्राथमिकता देने, संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम लागू करने, पाली और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के आधुनिकीकरण और दुर्गा पूजा में पांच दिन की छुट्टी की मांग शामिल है।
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