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France vs Mali: माली ने फ्रांस पर लगाया जासूसी और आक्रामक कार्रवाई का आरोप, दोनों देशों के बीच हुई तीखी बहस
Thu, 20 Oct 2022 05:12 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 20 Oct 2022 05:12 AM IST
सार
माली सरकार ने कहा कि फ्रांस के विमानों ने माली के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और वह आम नागरिकों के लिए समस्याएं पैदा कर रहे अपराधी समूहों को मदद कर रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
पश्चिमी अफ्रीकी देश माली के विदेश मंत्री अब्दुल्ला दयूब ने फ्रांस पर आक्रामक कार्रवाई करने के साथ ही उसकी जासूसी कराने का आरोप लगाया। हालांकि फ्रांस ने इन आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताते हुए खारिज कर दिया। दोनों देशों के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में तीखी बहस हुई।
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इस बहस के दौरान माली ने अगस्त 2020 में हुए तख्तापलट और फ्रांसीसी सैनिकों की पूरी तरह से वापसी के बाद से दोनों देशों के संबंधों में आई खटास को रेखांकित किया। फ्रांस ने माली सरकार के अनुरोध पर इस्लामी चरमपंथियों से लड़ने के लिए 2013 में अपने सुरक्षा बलों को माली भेजा था। अब्दुल्ला दयूब ने एक बार फिर वही आरोप दोहराए, जो अगस्त में अंतरिम सरकार ने लगाए थे।
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सरकार ने कहा था कि फ्रांस के विमानों ने माली के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और वह आम नागरिकों के लिए समस्याएं पैदा कर रहे अपराधी समूहों को मदद कर रहा है। उधर, संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के राजदूत निकोलस डि रिवेएरे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि फ्रांस ने कभी भी माली के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया।
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