मालदीव: मुइज्जू ने नाजुक अर्थव्यवस्था को संभालने में मदद करने के लिए भारत का जताया आभार, चीन को भी सराहा
Maldives: राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा कि वह अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, आर्थिक संप्रभुता को सुनिश्चित करने और सहयोग करने के लिए मालदीव की ओर से चीन सरकार और भारत सरकार को धन्यवाद देते हैं।
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राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव की नाजुक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करने के लिए भारत और चीन को धन्यवाद दिया। उन्होंने द्वीप राष्ट्र के ऋण संकट और इसके विकास में दोनों देशों के सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू शुक्रवार को देश की आजादी की 59वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि चीन और भारत देश के कर्ज को चुकाने में सबसे अधिक मदद प्रदान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई दिल्ली और माले मजबूत संबंध बनाएंगे तथा मुक्त व्यापार समझौता(एफटीए) भी करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, मुइज्जू ने आठ माह की राजनयिक सफलता का जश्न मनाते हुए प्रशासन की विदेश नीति की सराहना की।
मुइज्जू शासन में रिश्तों की तल्खी सुर्खियों में रही, भारत के 80 सैन्यकर्मियों को वापस भेजा
माले के एक स्थानीय समाचार पोर्टल ने मुइज्जू के हवाले से कहा, "मैं अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, आर्थिक संप्रभुता को सुनिश्चित करने और जनता की खातिर सहयोग करने के लिए मालदीव की ओर से चीन सरकार और भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं।" मुइज्जू पिछले साल भारत विरोधी 'इंडिया आउट' अभियान के सहारे सत्ता में आए थे। राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटों के बाद ही उन्होने भारत से अनुरोध किया था कि वह अपने करीब 80 सैन्यकर्मियों को वापस बुलाए। इन सैन्यकर्मियों को भारत की ओर से उपहार में दिए गए डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टर का संचालन करने के लिए वहां तैनात किया गया था।
PM नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण में बुलाया
मुइज्जू को चीन समर्थक नेता माना जाता है। सत्ता संभालने के बाद उन्होंने चीन के साथ मालदीव के संबंधों को आगे बढ़ाया है। इस साल की शुरुआत में उन्होंने चीन का दौरा किया था। जिस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का फैसला किया। उन्होंने बीजिंग के साथ सैन्य मदद समझौते के बाद बीस अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए। जिससे भारत में काफी नाराजगी देखने को मिली, क्योंकि मालदीव हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से उसका सबसे करीबी पड़ोसी है। मुइज्जू हाल ही में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के लिए आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे।
मुश्किल वक्त में भारत साथ रहा
पिछले साल के अंत तक मालदीव द्वारा भारत को दिया गया ऋण 6.2 अरब मालदीवियन रुफिया था। इस साल की शुरुआत में, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेताया था कि यदि नीतिगत बदलाव नहीं किए तो मालदीव को ऋण संकट का जोखिम झेलना पड़ सकता है, लेकिन भारत ने मदद की।
मालदीव को समझ आने लगी है भारत संग द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत : पूर्व रक्षा मंत्री
मालदीव की वर्तमान सरकार ने अब भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत को समझना शुरू कर दिया है। यह कहना है मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया दीदी का। उन्होंने सोमवार को मुइज्जू के हालिया बयानों को लेकर कही। इनमें मुइज्जू ने अपने देश के ऋण चुकाने में मदद के लिए भारत सरकार को शुक्रिया कहा था।