फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Majority Of Migrant Deaths Over The Last 10 Years From Drowning: UN

UN Report: बीते 10 वर्षों में 38400 प्रवासियों की डूबने की वजह से गई जान, यूएन रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

Wed, 27 Mar 2024 09:45 AM IST
मिथिलेश नौटियाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Wed, 27 Mar 2024 09:45 AM IST
सार

UN Report: संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी का कहना है कि पिछले दस वर्षों में प्रवासियों की मौतों का सबसे बड़ा कारण डूबना रहा है। यह आंकड़ा 38 हजार से भी ज्यादा है। 

विज्ञापन
Majority Of Migrant Deaths Over The Last 10 Years From Drowning: UN
यूएन - फोटो : twitter

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट के में बताया गया है कि बीते 10 वर्षों में 64,000 प्रवासियों की मृत्यु हुई है। इनमें से करीब 38,400 प्रवासियों की मौत समुद्र में डूबने से हुई है। रिपोर्ट के अनुसार भूमध्य सागर में सबसे ज्यादा 27,000 प्रवासियों की मौतें हुई हैं। 

विज्ञापन


खतरनाक भूमध्य सागर में मारे गए 27,000 प्रवासी
भूमध्य सागर के रास्ते कई प्रवासी उत्तरी अमेरिका से दक्षिणी यूरोप जाने की कोशिश करते हैं। आईओएम के डेटा विश्लेषक एंड्रिया गार्सिया बोरजा ने बताया कि भूमध्य सागर खतरनाक क्षेत्र है और यहां यात्राएं करना बेहद जोखिम भरा साबित होता है। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों की तुलना में भूमध्य सागर के आंकड़ों को काफी गहनता से देखा गया है। उनके मुताबिक सहारा रेगिस्तान जैसे क्षेत्रों की निगरानी करना कठिन था क्योंकि वहां का विश्वसनीय डेटा आना मुश्किल था।
विज्ञापन


वर्ष 2023 में प्रवासन मार्गों पर 8,500 लोगों की मौत 
आधे से अधिक मामलों में, आईओएम प्रवासी का लिंग या उम्र जानने में असमर्थ रहा। जिन जगहों में प्रवासी की पहचान की जा सकती है, वहां एक-तिहाई से अधिक प्रवासी संघर्ष वाले देशों या बड़ी शरणार्थी आबादी वाले देशों से आए थे। यह रिपोर्ट बताती है कि 2023 में दुनिया भर के प्रवासन मार्गों पर 8,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। आईओएम का कहना है कि इस लिहाज से साल 2023 सबसे खतरनाक साल कहा जा सकता है। साल 2024 के आंकड़े भी चिंताजनक हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आईओएम के अनुसार इन रास्तों पर मजबूत बचाव क्षमताएं और सुरक्षित प्रवासन मार्ग की बेहद आवश्यकता है। समुद्र में, संकट में फंसे प्रवासियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून की अधिक सहायता की आवश्यकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed