फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Major police reshuffle in Dhaka, 32 chiefs of city police stations transferred news in hindi

Bangladesh: 32 पुलिस थानों के प्रमुखों का तबादला, हसीना सरकार के गिरने के बाद पुलिस विभाग में फेरबदल

Mon, 19 Aug 2024 02:35 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: श्वेता महतो Updated Mon, 19 Aug 2024 02:35 PM IST
सार

13 अगस्त को गृह मंत्रालय ने तीन अलग-अलग नोटिस जारी कर  में तीन अतिरिक्त आईजी सहित 51 पुलिसकर्मियों को बदल दिया गया। रविवार को शनिवार को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) के अतिरिक्त उपायुक्त और सहायक आयुक्त रैंक के 13 अधिकारियों का तबादला शहर के बाहर कर दिया गया।

विज्ञापन
Major police reshuffle in Dhaka, 32 chiefs of city police stations transferred news in hindi
बांग्लादेश हिंसा - फोटो : एएनआई

विस्तार

बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल किए गए। 18 प्रभारी अधिकारियों के तबादले के बाद ढाका के 32 पुलिस थानों के प्रमुखों का तबादला कर दिया गया है। सोमवार की इसकी जानकारी दी गई। बांग्लादेश मीडिया के अनुसार, तबादले का आदेश रविवार आधी रात को दिया गया। इस दौरान ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अंतर्गत आने वाले सभी 50 पुलिस थानों के प्रमुखों का तबादला कर दिया गया है। बता दें कि 18 अधिकारियों का तबादला 13 अगस्त को ही कर दिया गया था। 
विज्ञापन


जिन लोगों का तबादला किया गया उनके पास वो अधिकार नहीं होंगे, जो उनके पास प्रमुख के तौर पर थे। इस अधिकारियों को देशभर के प्रशिक्षण केंद्रों में भेजा गया है, जहां उन्हें पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने का काम सौंपा गया। वहीं अन्य अधिकारियों का तबादला पर्यटक पुलिस, सशस्त्र पुलिस बटालियन या औद्योगिक पुलिस में किया गया है। पांच अगस्त को शेख हसीना के इस्तीफे के बाद ही सभी पुलिस में सभी स्तरों पर फेरबदल हुआ। 
विज्ञापन


13 अगस्त को गृह मंत्रालय ने तीन अलग-अलग नोटिस जारी कर  में तीन अतिरिक्त आईजी सहित 51 पुलिसकर्मियों को बदल दिया गया। रविवार को शनिवार को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) के अतिरिक्त उपायुक्त और सहायक आयुक्त रैंक के 13 अधिकारियों का तबादला शहर के बाहर कर दिया गया। इसके बाद डीएमपी उपायुक्त के पदों पर सात अन्य अधिकारियों को नियुक्त किया गया। रविवार को 73 पुलिस अधिकारियों को उप महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बांग्लादेश में क्यों भड़की हिंसा 
बांग्लादेश को साल 1971 में आजादी मिली थी। आजादी के बाद से ही बांग्लादेश में आरक्षण व्यवस्था लागू है। इसके तहत स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों को 30 प्रतिशत, देश के पिछड़े जिलों के युवाओं को 10 प्रतिशत, महिलाओं को 10 प्रतिशत, अल्पसंख्यकों के लिए 5 प्रतिशत और दिव्यांगों के लिए एक प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। इस तरह बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में 56 प्रतिशत आरक्षण था। साल 2018 में बांग्लादेश के युवाओं ने इस आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई महीने तक चले प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश सरकार ने आरक्षण खत्म करने का एलान किया।


बीते महीने 5 जून को बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने देश में फिर से आरक्षण की पुरानी व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया। शेख हसीना सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील भी की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को बरकरार रखा। इससे छात्र नाराज हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बांग्लादेश के विश्वविद्यालयों से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन अब बढ़ते-बढ़ते हिंसा में तब्दील हो गया है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed