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महाराष्ट्र: मुंबई में छात्रों की गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस, सरकार को बताया आदिवासी-विरोधी; क्या है मामला?
Mon, 05 Oct 2026 03:52 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Mon, 05 Oct 2026 03:52 PM IST
सार
मुंबई में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार पर 'आदिवासी-विरोधी' होने का गंभीर आरोप लगाया है।
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जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव
- फोटो : ANI
विस्तार
मुंबई में आदिवासी छात्रों को हिरासत में लिए जाने पर विपक्ष ने सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को कांग्रेस ने आदिवासी-विरोधी बताया है। उन्होंने यह आरोप तब लगाया गया जब पुलिस ने उन आदिवासी छात्रों को हिरासत में ले लिया जो राज्य के आदिवासी विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने मुंबई आए थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में कहा, 'महाराष्ट्र की तथाकथित डबल इंजन सरकार पर शर्म आती है, जो स्पष्ट रूप से आदिवासी-विरोधी है।'
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कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया?
महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सोमवार सुबह पुलिस ने आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने मुंबई आए कई आदिवासी छात्रों को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस के अनुसार, आदिवासी छात्र छात्रवृत्ति, आश्रम (आवासीय) स्कूलों और हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और अन्य मुद्दों पर अपनी मांगों के समाधान के लिए 10 दिनों से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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कहां से आए आदिवासी छात्र?
समस्याओं का समाधान न होने पर आदिवासी विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग के लिए कई छात्र नासिक से बस और पैदल चलकर मुंबई आए थे। कांग्रेस ने कहा कि वह 'अपने जायज अधिकारों की लड़ाई में आदिवासी छात्रों' के साथ खड़ी है और देकर कहा कि धमकियों से उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती। पार्टी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए एक बयान में कहा कि छात्रों को धमकाना और उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने जैसा है।
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पार्टी अध्यक्ष ने क्या कहा?
कांग्रेस का दावा है कि आदिवासी विकास मंत्री और विभाग के आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों को पुलिस केस दर्ज करने की धमकी दी गई और उन्हें ले जा रही बस को हिरासत में ले लिया गया। एक और बयान में, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग किया और पार्टी के तिलक भवन कार्यालय में जबरन घुसने की कोशिश की, जहां नासिक से पैदल चलकर मुंबई आए आदिवासी छात्र ठहरे हुए थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी आधी रात से ही कार्यालय में घुस रहे थे, छात्रों को धमका रहे थे और उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे थे। सपकाल ने मांग की कि पुलिस तुरंत कार्यालय में गैर-कानूनी प्रवेश और छात्रों को धमकाने व जबरन हिरासत में लेने की कोशिशों को बंद करे।
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कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया?
महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सोमवार सुबह पुलिस ने आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने मुंबई आए कई आदिवासी छात्रों को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस के अनुसार, आदिवासी छात्र छात्रवृत्ति, आश्रम (आवासीय) स्कूलों और हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और अन्य मुद्दों पर अपनी मांगों के समाधान के लिए 10 दिनों से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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कहां से आए आदिवासी छात्र?
समस्याओं का समाधान न होने पर आदिवासी विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग के लिए कई छात्र नासिक से बस और पैदल चलकर मुंबई आए थे। कांग्रेस ने कहा कि वह 'अपने जायज अधिकारों की लड़ाई में आदिवासी छात्रों' के साथ खड़ी है और देकर कहा कि धमकियों से उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती। पार्टी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए एक बयान में कहा कि छात्रों को धमकाना और उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने जैसा है।
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पार्टी अध्यक्ष ने क्या कहा?
कांग्रेस का दावा है कि आदिवासी विकास मंत्री और विभाग के आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों को पुलिस केस दर्ज करने की धमकी दी गई और उन्हें ले जा रही बस को हिरासत में ले लिया गया। एक और बयान में, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग किया और पार्टी के तिलक भवन कार्यालय में जबरन घुसने की कोशिश की, जहां नासिक से पैदल चलकर मुंबई आए आदिवासी छात्र ठहरे हुए थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी आधी रात से ही कार्यालय में घुस रहे थे, छात्रों को धमका रहे थे और उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे थे। सपकाल ने मांग की कि पुलिस तुरंत कार्यालय में गैर-कानूनी प्रवेश और छात्रों को धमकाने व जबरन हिरासत में लेने की कोशिशों को बंद करे।