{"_id":"60a45e9f8ebc3e43aa45ea73","slug":"magnitude-5-3-intensity-earthquake-strikes-35-km-east-of-pokhara-in-nepal","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल में 5.8 की तीव्रता का भूकंप, दो दर्जन घर क्षतिग्रस्त","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
नेपाल में 5.8 की तीव्रता का भूकंप, दो दर्जन घर क्षतिग्रस्त
Wed, 19 May 2021 07:03 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 19 May 2021 07:03 AM IST
विज्ञापन
भूकंप
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल के पोखारा में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.8 मापी गई है। फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इसके अलावा यूएसजीएस के मुताबिक, दक्षिणी पूर्व प्रशांत क्षेत्र में भी 6.7 तीव्रता के भूकंप के झटके आए।
विज्ञापन
नेपाल के मध्य लामजंग जिले में बुधवार को 5.8 की तीव्रता का भूकंप आया जिसमें कम से कम छह लोग घायल हो गए और दो दर्जन घर क्षतिग्रस्त हो गए। तड़के 5:42 बजे आए इस भूकंप का केंद्र लामजंग जिले के मार्शयांगडी ग्रामीण नगरपालिका में स्थित रहा। इसके बाद 8:16 और 8:26 बजे भी 4.0 और 5.3 की तीव्रता के दो झटके दर्ज किए गए।
विज्ञापन
द काठमांडू पोस्ट ने राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के हवाले से बताया कि बुधवार का भूकंप 2015 के गोरखा भूकंप के बाद का झटका था। जिले में पहला भूकंप आने के बाद सुबह 10 बजे तक करीब 20 छोटे भूकंप के झटके महसूस किए गए। ये झटके मनांग, कास्की और गोरखा में भी महसूस किए गए। जिला पुलिस कार्यालय के इंस्पेक्टर जगदीश रेगमी के मुताबिक भूकंप में छह लोग घायल हुए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक घर की दीवार गिरने से तीन लोग घायल हो गए, जबकि अन्य तीन भागते समय घायल हो गए। सभी घायलों को लामजंग के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। द हिमालयन टाइम्स ने बताया कि एक महिला आधी दबी हुई मिली, क्योंकि उसका घर ढह गया था। भूकंप आने पर वह सो रही थी। स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया।
लोगों में पुलिस की उदासीनता से गुस्सा
द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के बाद लोगों ने पुलिस की उदासीनता पर गुस्सा जताया है। बताया गया कि पुलिस ने उनके साथ बचाव के लिए कोई खास कार्रवाई नहीं की। लोग झटकों के कारण घरों से बाहर आ गए और उनके मुंह पर मास्क भी नहीं देखे गए, जबकि देश कोरोना की बड़ी चपेट में है।