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Maduro Case Trial In US: वेनेजुएला के मादुरो दंपती का मुकदमे पर अमेरिका में सुनवाई; पत्नी बोलीं- अगवा किया गया

Tue, 06 Jan 2026 07:47 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 06 Jan 2026 07:47 AM IST
सार

वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क ले जाया गया है। दोनों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है। पहली पेशी के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से मादुरो और उनकी पत्नी ने अमेरिका पर 'अपहरण का आरोप' लगाया। दंपती ने खुद को निर्दोष भी बताया। यह मामला 92 साल के न्यायाधीश की अदालत में हो रही सुनवाई के कारण भी चर्चा में हैं। पहले दिन की अदालती कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से क्या दलीलें दी गईं? कौन से जज की कोर्ट में हो रही है इस हाइप्रोफाइल मामले की सुनवाई? जानिए इन सवालों के जवाब

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Maduro Case Trial in US Venezuela ousted President and his wife in New York Court pleads not guilty abduction
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति पर अमेरिकी अदालत में कार्रवाई (सांकेतिक) - फोटो : Freepik

विस्तार

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की कार्रवाई बीते कई दिनों से सुर्खियों में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान तानाशाह और अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ सेना बेडरूम से गिरफ्तार कर ले गई। इस हैरतअंगेज कार्रवाई के बाद अमेरिकी सरकार और कानूनी टीम ने वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्राध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया के खिलाफ  मादक पदार्थों की तस्करी और हथियारों से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। दोनों पर नकेल कसने का इरादा रखने वाला अमेरिका इस कानूनी कार्रवाई को न्यूयॉर्क की एक अदालत में अंजाम दे रहा है। 

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मादुरो दंपती का आरोप अमेरिकी सैनिकों ने बेडरूम से अगवा किया
न्यूयॉर्क की कोर्ट में पहली पेशी के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी ने अमेरिका पर बल प्रयोग कर जबरन अगवा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। अमेरिकी कोर्ट के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए मादुरो की पत्नी ने कहा कि अमेरिकी सरकार के निर्देश पर वेनेजुएला के काराकस पहुंचे सैनिकों ने उनका अपहरण किया है। 
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'मैं अभी भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं'
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क की कोर्ट में 92 साल की न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन ने उन्हें टोकते हुए सवाल किया। हालांकि, जज की बात सुनने के बदले मादुरो ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही अमेरिकी सैनिक उन्हें वेनेजुएला की राजधानी काराकास से सैंकड़ों मील दूर न्यूयॉर्क लेकर आ गए हैं, लेकिन वे अभी भी अपने देश के राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं।
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92 साल के न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन की कोर्ट में सुनवाई
रिपोर्ट के मुताबिक मादुरो ने जज के सामने अपनी सफाई के दौरान कहा, 'मैं निर्दोष और नेक इंसान हूं। यहां जिन बातों का जिक्र किया गया है, उनमें से किसी का भी मैं दोषी नहीं हूं। मैं अभी भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं।' उनकी दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन ने मादुरो को भरोसा दिलाया कि उन्हें बाद में अपनी गिरफ्तारी और अमेरिका के आरोपों के बारे में विस्तार से बोलने का मौका जरूर दिया जाएगा। 

वेनेजुएला के राष्ट्रपति की पत्नी सिलिया के माथे और दाहिनी कनपटी पर पट्टियां
मादुरो दंपती के वकील मार्क डोनेली के हवाले से आई खबरों के मुताबिक दंपती ने स्पैनिश भाषा में कहा कि वे सभी चार आरोपों में निर्दोष हैं। अदालत ने जब उनसे पहचान की पुष्टि करने को कहा तो सिलिया ने कहा, 'मैं वेनेजुएला गणराज्य की प्रथम महिला हूं।' सीएनएन के हवाले से आई समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि अदालत में पेशी के दौरान सिलिया के माथे और दाहिनी कनपटी पर पट्टियां देखी गईं। बचाव पक्ष की तरफ वाली कुर्सियों पर बैठने के दौरान उन्हें सहायता की जरूरत भी पड़ी। सिलिया के वकील के मुताबिक उन्हें  चिकित्सा जांच और उपचार की जरूरत पड़ेगी क्योंकि उनके 'अपहरण' के दौरान बलप्रयोग किया गया, जिससे उन्हें 'गंभीर चोटें' आई हैं। वकील ने कहा कि सिलिया को फ्रैक्चर की आशंका है। ऐसा लगता है कि उन्हें पसलियों में गंभीर चोटें लगी हैं। 

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अगली सुनवाई 17 मार्च को
मादुरो की टीम में शामिल एक अन्य वकील बैरी पोलैक ने भी अदालत के सामने 'कुछ स्वास्थ्य और चिकित्सा संबंधी समस्याओं' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक संप्रभु राष्ट्र के नेता की हैसियत से मादुरो के पास विशेषाधिकार और प्रतिरक्षा (Immunity) दोनों हैं। उनके वकीलों ने सोमवार की सुनवाई (स्थानीय समय) के दौरान तत्काल रिहाई की मांग नहीं की। कानूनी टीम ने संकेत दिया कि औपचारिक जमानत याचिका बाद में दायर की जाएगी। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। 

92 साल के न्यायाधीश हेलरस्टीन के नाम पर चर्चा क्यों?
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अलावा अदालत में हो रही कार्यवाही भी सुर्खियों में हैं। इसका एक कारण न्यायाधीश की आयु भी है। 92 साल के जज एल्विन हेलरस्टीन की कोर्ट में हो रही कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि उम्र के इस पड़ाव पर भी वे न्यायिक सेवा में सक्रिय हैं। हेलरस्टीन को इतिहास का अच्छा जानकार माना जाता है। अमेरिका की संघीय अदालतों में उन्हें तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। मादुरो के मुकदमे से पहले वे सूडान नरसंहार और डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। बीते कई दशकों में मादुरो का मामला ऐसा पहला मुकदमा है, जो किसी विदेशी नेता के खिलाफ अमेरिकी अदालत के सामने आया है।

इसी जज की कोर्ट में मादुरो के करीबी लोगों से जुड़े मामलों की सुनवाई भी हुई
गौरतलब है कि हेलरस्टीन इससे पहले कथित तौर पर मादुरो के करीबी लोगों से जुड़े मामलों की सुनवाई भी कर चुके हैं। अप्रैल 2024 में उन्होंने वेनेजुएला के सेवानिवृत्त सेना जनरल क्लिवर अल्काल के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले की सुनवाई की थी। कोर्ट ने उन्हें 21 साल से अधिक की सजा सुनाई थी। इसी कोर्ट में वेनेजुएला के पूर्व खुफिया प्रमुख ह्यूगो कारवाजल को 23 फरवरी को सजा सुनाई जानी है। 92 साल की आयु में वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति के खिलाफ एक संवेदनशील मुकदमे की सुनवाई कर रहे हेलरस्टीन को देश के संविधान से यह विशेष अधिकार मिला है।


अमेरिका में जज इच्छा और क्षमता के अनुसार जीवन पर्यंत पद पर रह सकते हैं
इस मामले से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद III के तहत न्यायाधीशों को आजीवन नियुक्त किया जा सकता है। इस प्रावधान के तहत देश की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को भी नियुक्त किया जा सकता है। कानून के जानकार बताते हैं कि यह प्रावधान बहुत सोच समझकर रखा गया है। इसका मकसद अदालतों के साथ-साथ न्यायाधीशों को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखते हुए उनकी निष्पक्षता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है। गंभीर कदाचार या महाभियोग की प्रक्रिया के माध्यम से जजों को हटाए जाना अपवाद है। इसके अलावा अमेरिकी कानून के तहत न्यायाधीश अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार जीवन पर्यंत पद पर बने रह सकते हैं। यही कारण है कि अमेरिका में आम तौर पर न्यायाधीशों का कार्यकाल 30-40 साल का होता है। वरिष्ठ न्यायाधीशों को उनका पूरा वेतन मिलता है, लेकिन वे तुलनात्मक रूप से कम मुकदमों की सुनवाई करते हैं। फिर भी, कई न्यायाधीश सक्रिय रहना पसंद करते हैं।

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वयोवृद्ध न्यायाधीशों के अन्य उदाहरण
92 साल के न्यायाधीश हेलरस्टीन से पहले एक अन्य वयोवृद्ध न्यायाधीश का मामला पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में सामने आया था। डेमोक्रेट नेता ओबामा के कार्यकाल में उदारवादी छवि रखने वाले जस्टिस बेडर गिन्सबर्ग ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बावजूद पद छोड़ने से इनकार कर दिया था। साल 2020 में 87 साल की आयु में पद पर बने रहने के दौरान ही उनका निधन हो गया था।  आयु से जुड़ा ऐसा एक एन्य मामला पिछले साल सामने आया था। इसके मुताबिक अमेरिका की संघीय सर्किट अपील कोर्ट ने 98 वर्षीय जस्टिस पॉलीन न्यूमैन की निलंबन अवधि बढ़ाने का फैसला लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि न्यूमैन ने जज बने रहने के लिए नियमों के तहत अनिवार्य न्यूरोलॉजिकल चिकित्सा जांच कराने से इनकार कर दिया था। सबसे लंबे समय तक न्यायाधीश रहने वाली न्यायविद ने अपने निलंबन को अदालत में चुनौती भी दी थी। हालांकि, उनकी अपील ठुकरा दी गई।


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