मेडागास्कर में तख्तापलट: विरोध के बाद सेना ने पूरी तरह संभाली बागडोर, कर्नल रैंड्रियानीरिना बनेंगे राष्ट्रपति!
मेडागास्कर में युवाओं के विरोध के बीच सेना ने सत्ता संभाली और राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना देश छोड़कर भाग गए। कर्नल माइकल रैंड्रियानीरिना ने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया और कहा कि जल्द शपथ लेंगे। संवैधानिक न्यायालय ने भी उन्हें पद संभालने का न्योता दिया है। ऐसे में संभावना इस बात की तेज हो गई है कि जल्द नई सरकार और प्रधानमंत्री की घोषणा होगी।
विस्तार
मेडागास्कर में कुछ सप्ताह से जारी व्यापक विरोध प्रदर्शन ने देश का तख्तापलट कर रख दिया। इतना ही नहीं विरोध प्रदर्शन इतना भयावह हो गया कि राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना को देश छोड़कर भागना पड़ा। ऐसे में अब मेडागास्कर को लेकर ताजा अपडेट ये है कि तख्तापलट के बाद कर्नल माइकल रैंड्रियानीरिना ने खुद को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि वे जल्द ही आधिकारिक रूप से शपथ लेंगे। यह घटनाक्रम राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना के देश छोड़ने के बाद हुआ, जिन्हें सेना के एक गुट ने सत्ता से बेदखल कर दिया।
रैंड्रियानीरिना ने मंगलवार को एलान किया कि सेना ने देश की बागडोर संभाल ली है। बीते कुछ हफ्तों से सरकार के खिलाफ खासकर युवाओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। शनिवार को स्थिति उस वक्त बदली जब रैंड्रियानीरिना और उनकी विशेष सैन्य यूनिट सीएपीएसएटी ने विद्रोह कर दिया और प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग की।
सेना ने संभाली देश की बागडोर
रैंड्रियानीरिना ने कहा कि कल हमने जिम्मेदारी ली क्योंकि देश में अब न राष्ट्रपति है और न प्रधानमंत्री और न ही संसद की कोई सक्रियता। हालांकि मेडागास्कर के संवैधानिक न्यायालय ने भी रैंड्रियानीरिना को अंतरिम रूप से राष्ट्रपति पद संभालने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि देश में संकट को जल्दी खत्म करने के लिए नई सरकार जल्द बनाई जाएगी और एक नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाएगा।
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राजोइलिना ने क्यों छोड़ा देश, समझिए
हालांकि इन सबसे अलग 2018 से सत्ता में रहने वाले पूर्व राष्ट्रपति राजोइलिना ने इस कदम को गैरकानूनी सैन्य तख्तापलट बताया है। साथ ही ये भी दावा किया कि उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए देश छोड़ा है। वहीं
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ओलुफेमी ताइवो ने कहा कि यह एक सिविल सोसाइटी (नागरिक आंदोलन) है, जिसे सेना के बिना सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने अफ्रीकी संघ से इस तख्तापलट की कड़ी निंदा करने की अपील की। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अफ्रीकी संघ की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि अफ्रीकी संघ ने एक आपात बैठक बुलाई है।
मेडागास्कर में कई बार भी हो चुके है तख्तापलट, समझिए
गौरतलब है कि मेडागास्कर में 1960 में फ्रांस से स्वतंत्रता मिलने के बाद कई बार तख्तापलट हो चुके हैं। खुद राजोइलिना भी 2009 में सेना के समर्थन से सत्ता में आए थे। इस बार के विद्रोह में बड़ी भूमिका जेन-जी युवाओं की रही, जो पिछले एक महीने से पानी, बिजली और बुनियादी सेवाओं की कमी के खिलाफ सड़कों पर थे। प्रदर्शन 25 सितंबर से पानी और बिजली की कमी को लेकर शुरू हुए थे और इस आंदोलन को युवाओं ने जेन-जेड मेडागास्कर नाम दिया है।
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देशव्यापी प्रदर्शन कैसे बना गया?
यह आंदोलन भ्रष्टाचार और असमानता के विरुद्ध देशव्यापी प्रदर्शन में बदल गया। संयुक्त राष्ट्र ने कहा, अब तक कम से कम 22 लोग मारे गए हैं। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को अस्थिर स्थिति के बीच घर में रहने की सलाह दी है। अफ्रीकी संघ ने सेना व नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
मेडागास्कर में व्यक्ति की औसत उम्र 20 वर्ष से भी कम है और इसकी लगभग 3 करोड़ की आबादी का तीन-चौथाई हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करता है। विश्व बैंक के अनुसार स्वतंत्रता (1960) से 2020 तक देश की जीडीपी प्रति व्यक्ति में 45% गिरावट आई है। इन्हीं कारणों से देश में राजोइलिना के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा था। जबकि राजोइलिना ने कहा कि सैन्य विद्रोह के बाद उनकी जान को खतरा था और इसलिए वह देश छोड़कर भाग गए है।