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इंडोनेशिया में भूकंप से लोम्बोक द्वीप अपनी जगह से 25 सेमी ऊपर उठा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 12 Aug 2018 02:29 PM IST
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lombok island
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इंडोनेशिया में आए भूकंप से लोम्बोक द्वीप अपनी जगह से 25 सेमी ऊपर उठ गया है। यहां आए भूकंप से जगह जगह गड्ढे भी हो गए हैं। भूकंप के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक और कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक साथ मिलकर इसका अध्यन कर रहे हैं।
वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट इमेज के आधार पर हुई तबाही का मानचित्र बनाया और लोम्बोक द्वीप की सतह में आए बदलाव के मापन किया। इसके बाद उन्होंने पाया कि द्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में भूकंप के केंद्रीय बिंदु पर फॉल्टलाइन के कारण सतह एक चौथाई मीटर ऊपर उठ गई। जबकि दूसरे हिस्सो में यह 5 से 15 सेंटीमीटर तक धंस गई। नासा ने कहा है कि सैटेलाइट का ये पर्यवेक्षण काफी मददगार होगा। अधिकारी ये जान सकेंगे कि उन्होंने भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा या मानवीय आपदा में अपने नागरिकों की मदद किस प्रकार से करनी है।
सैलानियों के पसंद माने जाने वाले लोम्बोक द्वीप में मलबा हटाने का काम जारी है, ताकि जनजीवन को पटरी पर लाया जा सके। सबसे ज्यादा तबाही तानजुंग में हुई है। 90 फीसदी मकान-प्रतिष्ठान तबाह होने के बाद भी लोगों ने शनिवार को हाट बाजार लगाया और रोजमर्रा के जरूरत के सामान खरीदे। इसमें खाने की चीजें, सब्जी से लेकर दूध आदि शामिल है। तबाही की बात करें तो बीते दो हफ्ते में लोम्बोक में तीन भूकंप आए हैं।
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पहला भूकंप 29 जुलाई को 5.9 का आया था। उसमें 19 मौतें हुई थी। दूसरा भूकंप 5 जुलाई को 6.9 तीव्रता का और तीसरा भूकंप 7 अगस्त को 6.2 तीव्रता का आ चुका है। इन भूकंपों से लोगों में भय पैदा हो गया है। इंडोनेशिया में आए भूकंप से लोम्बोक द्वीप का भौगोलिक नक्शा बदल गया, सतह से द्वीप 25 सेमी ऊपर उठ गया
5 अगस्त को लोम्बोक में 6.9 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आए 500 से ज्यादा झटकों में अब तक 387 लोगों की मौत हो चुकी है। 68 हजार मकान ढह गए। इससे 3.87 लाख लोग बेघर हो गए। द्वीप के 468 स्कूल, 6 पुल, 50 ऑरेटरीज, 20 कार्यालय, 15 मस्जिद, 13 स्वास्थ्य केंद्र ध्वस्त हुए हैं। भूकंप में जख्मी कई बच्चों का खुले में इलाज हो रहा है।
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वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट इमेज के आधार पर हुई तबाही का मानचित्र बनाया और लोम्बोक द्वीप की सतह में आए बदलाव के मापन किया। इसके बाद उन्होंने पाया कि द्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में भूकंप के केंद्रीय बिंदु पर फॉल्टलाइन के कारण सतह एक चौथाई मीटर ऊपर उठ गई। जबकि दूसरे हिस्सो में यह 5 से 15 सेंटीमीटर तक धंस गई। नासा ने कहा है कि सैटेलाइट का ये पर्यवेक्षण काफी मददगार होगा। अधिकारी ये जान सकेंगे कि उन्होंने भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा या मानवीय आपदा में अपने नागरिकों की मदद किस प्रकार से करनी है।
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सैलानियों के पसंद माने जाने वाले लोम्बोक द्वीप में मलबा हटाने का काम जारी है, ताकि जनजीवन को पटरी पर लाया जा सके। सबसे ज्यादा तबाही तानजुंग में हुई है। 90 फीसदी मकान-प्रतिष्ठान तबाह होने के बाद भी लोगों ने शनिवार को हाट बाजार लगाया और रोजमर्रा के जरूरत के सामान खरीदे। इसमें खाने की चीजें, सब्जी से लेकर दूध आदि शामिल है। तबाही की बात करें तो बीते दो हफ्ते में लोम्बोक में तीन भूकंप आए हैं।
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पहला भूकंप 29 जुलाई को 5.9 का आया था। उसमें 19 मौतें हुई थी। दूसरा भूकंप 5 जुलाई को 6.9 तीव्रता का और तीसरा भूकंप 7 अगस्त को 6.2 तीव्रता का आ चुका है। इन भूकंपों से लोगों में भय पैदा हो गया है। इंडोनेशिया में आए भूकंप से लोम्बोक द्वीप का भौगोलिक नक्शा बदल गया, सतह से द्वीप 25 सेमी ऊपर उठ गया
5 अगस्त को लोम्बोक में 6.9 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आए 500 से ज्यादा झटकों में अब तक 387 लोगों की मौत हो चुकी है। 68 हजार मकान ढह गए। इससे 3.87 लाख लोग बेघर हो गए। द्वीप के 468 स्कूल, 6 पुल, 50 ऑरेटरीज, 20 कार्यालय, 15 मस्जिद, 13 स्वास्थ्य केंद्र ध्वस्त हुए हैं। भूकंप में जख्मी कई बच्चों का खुले में इलाज हो रहा है।