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लॉकडाउन में साफ हुई दुनिया की आबोहवा, भारत में वायु प्रदूषण 20 सालों में सबसे कम
Thu, 23 Apr 2020 02:53 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 23 Apr 2020 02:53 PM IST
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पर्यावरण पर पड़ा लॉकडाउन का असर
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कोरोना वायरस महामारी की वजह से पूरी दुनिया में लोग घरों में बंद हैं। इसका धरती और वायु पर सकारात्मक असर पड़ा है। अस्थायी रूप से ही सही हवा साफ हो गई है। दुनिया में सबसे प्रदूषित शहरों में से एक दिल्ली जहां पर प्रदूषण की वजह से धुंध छाया रहता था अब आसमान साफ दिख रहा है। भारत में वायु प्रदूषण 20 साल में सबसे निचले स्तर पर आ गया है।
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भारत में वायु प्रदूषण 20 साल में सबसे निचले स्तर पर
अमेरिका स्पेस एजेंसी नासा के नवीनतम सेटेलाइट डाटा से पता चला है कि इन दिनों उत्तर भारत में वायु प्रदूषण 20 साल में सबसे निचले स्तर पर है। नासा ने इसके लिए वायुमंडल में मौजूद एयरोसॉल की जानकारी हासिल की। फिर ताजा आंकड़े की तुलना 2016 से 2019 के बीच खीचीं गई तस्वीरों से की।
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नासा में यूनिवर्सिटीज स्पेस रिसर्च एसोसिएशन के वैज्ञानिक पवन गुप्ता के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण वायुमंडल में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिला है। इससे पहले कभी उत्तर भारत के ऊपरी क्षेत्र में वायु प्रदूषण का इतना कम स्तर देखने को नहीं मिला।
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अमेरिका में प्रदूषण में 30 प्रतिशत की कमी
उत्तर-पूर्वी अमेरिका (इसी इलाके में न्यूयॉर्क, बोस्टन जैसे शहर हैं) में भी वातावरण में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के प्रदूषण में 30 प्रतिशत की कमी आई है। इटली की राजधानी रोम में पिछले साल मध्य मार्च से मध्य अप्रैल के मुकाबले इस साल इस अवधि में प्रदूषण के स्तर में 49 प्रतिशत तक की गिरावट आई है और आसमान में तारे ज्यादा साफ दिखाई दे रहे हैं।
लोग उन स्थानों पर भी जंगली जानवरों को देख रहे हैं जहां पर आमतौर पर ऐसा नहीं देखा जाता है। अमेरिका के शिकागो शहर के मिशिगन एवेन्यू और सैन फ्रांसिस्कों के गोल्डन गेट ब्रिज के पास काइयोट (उत्तरी अमरीका में पाया जाने वाला छोटा भेड़िया) देखा गया है। इसी प्रकार चिली की राजधानी सेंटियागो की सड़कों पर तेंदुआ घूमता हुआ नजर आया।
ड्यूक विश्वविद्यालय के संरक्षणवादी वैज्ञानिक स्टुअर्ट पिम्म ने कहा, यह हमें असाधारण तरीके से यह विचार करने का मौका मिला है कि हम इंसानों ने कैसे इस ग्रह को तहस-नहस कर दिया है।