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Israel Hamas Conflict: इस्राइल के समर्थन में कौन, हमास के साथ किसका हाथ? जानें भारत, रूस और अमेरिका के रुख

Tue, 17 Oct 2023 09:02 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 17 Oct 2023 09:02 PM IST
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सार
Israel Hamas Conflict: इस्राइल-हमास की लड़ाई ने दुनिया को दो धड़ों में बांट दिया है। इस्राइली विदेश मंत्रालय ने पिछले दिनों कहा कि उसके पास 84 देशों का समर्थन है। इन 84 देशों ने इस्राइल का समर्थन करते हुए हमलों की निंदा की है। 
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List of countries supporting Israel and Hamas in war
इस्राइल-हमास - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सात अक्तूबर को इस्राइल पर आतंकी संगठन हमास ने हमला कर दिया। तब से इस्राइल और हमास आमने-सामने हैं। इस लड़ाई ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। एक ओर जहां कई देश इस्राइल के समर्थन में हैं, तो वहीं कुछ देश को फलस्तीन या हमास के साथ होने की बात कर रहे हैं। 



आइये जानते हैं इस्राइल-हमास के बीच अभी क्या हो रहा है? इस्राइल के समर्थन में बड़े देश कौन? इसके विरोध में कौन-कौन खड़ा है? समझते हैं...

गाजा पट्टी
गाजा पट्टी - फोटो : Amar Ujala

पहले जानते हैं इस्राइल-हमास के बीच क्या हो रहा है?
बीते 10 दिनों से इस्राइल-हमास संघर्ष जारी है। दरअसल, बीते सात अक्तूबर को फलस्तीन स्थित आतंकी संगठन हमास ने इस्राइली सीमा में घुसकर 1400 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। वहीं इस्राइल के जवाबी हमले में अब तक गाजा पट्टी में 2750 के करीब लोगों की जान जा चुकी है। अब तक इसे लड़ाई में दोनों ओर के चार हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने किसी भी तरह के युद्ध विराम से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि हमास के खात्मे तक लड़ाई जारी रहेगी।


लड़ाई में इस्राइल के साथ कौन-कौन है?
एक ओर जहां युद्ध ने मानवीय संकट को जन्म दे दिया है, वहीं इसने दुनिया को भी दो धड़ों में बांट दिया। इस्राइली विदेश मंत्रालय ने पिछले दिनों एक बयान में कहा कि उसके पास 84 देशों का समर्थन है। इन 84 देशों ने इस्राइल का समर्थन करते हुए हमलों की निंदा की है। इसके साथ ही इस्राइल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हुए बयान भी जारी किए हैं।

मोदी
मोदी - फोटो : SOCIAL MEDIA

भारत का रुख
हमास द्वारा किए गए रॉकेट हमलों पर भारत ने इस्राइल का साथ दिया। एकजुटता व्यक्त करते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शनिवार को कहा कि भारत की संवेदनाएं और प्रार्थनाएं निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। 

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'इस्राइल में आतंकवादी हमलों की खबर से गहरा सदमा लगा है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हम इस कठिन समय में इस्राइल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।'

इस बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर भी बातचीत हुई। इस्राइल की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देने के लिए पीएम मोदी ने उनका आभार व्यक्त किया। नेतन्याहू से पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस्राइल के साथ खड़ा है।
 

वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दोहराया कि भारत ने हमेशा इस्राइल के साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व वाले फलस्तीन के एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य राष्ट्र की स्थापना के लिए फिर से बातचीत शुरू करने का समर्थन किया है। इस मामले में हमारी नीति दीर्घकालिक और सुसंगत रही है।

Jo biden and Bejamin netanyahu
Jo biden and Bejamin netanyahu - फोटो : Agency (File Photo)

इस्राइल के समर्थन में और कौन से बड़े देश?
अमेरिका ने कहा कि हमास ने इस्राइली नागरिकों, यहूदियों को तबाह करने की नीयत से हमला किया। आतंकी हमले का जवाब देना इस्राइल का अधिकार है। हालांकि, अमेरिका ने यह भी कहा कि इस्राइल को गाजा ओर कब्जा नहीं करना चाहिए। 

हमास के हमलों पर फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, नार्वे जैसे देशों ने इस्राइल का साथ दिया है। 

iran
iran - फोटो : SOCIAL MEDIA

इस्राइल के विरोध में कौन-कौन है?
इस्राइल पर हमले के बाद ईरान, कतर, रूस, और लेबनान, कुवैत, तुर्किये, पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित कई अन्य देश फलस्तीन का समर्थन कर रहे हैं। हिंसक संघर्ष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस्राइल को चेतावनी दी। उन्होंने बदले की कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा, 'अगर इस्राइल ने गाजा में अपने अपराध जारी रखेगा तो विरोधी ताकतें भी जवाब देंगी।' उन्होंने कहा कि गाजा पर बमबारी तुरंत बंद होनी चाहिए।

हिंसा के बीच सोमवार को रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया था। रूस के प्रस्ताव में गाजा में आम नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा करते हुए युद्धविराम की मांग की गई थी, लेकिन इसमें हमास या उसके द्वारा इस्राइली नागरिकों पर किए गए बर्बर हमले का जिक्र ही नहीं किया गया था। ऐसे में पश्चिमी देशों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। 

उधर इस्राइल के पड़ोसी देश मिस्र ने अभी तक खुलकर किसी का समर्थन नहीं किया है। मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी ने को कहा कि गाजावासियों को दृढ़ रहना चाहिए और अपनी जमीन पर बने रहना चाहिए। इसी के साथ मिस्र सरकार काहिरा से गाजा में फंसे नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की अनुमति देने का आह्वान भी कर रही है। दरअसल, मिस्र और गाजा के बीच राफा सीमा क्रॉसिंग तटीय क्षेत्र के अंदर और बाहर जाने वाला एकमात्र मार्ग है जिसे संघर्ष के बाद से बंद कर दिया गया है।

इसके साथ ही कुछ देश ऐसे भी हैं, जिन्होंने किसी के साथ नहीं दिया बल्कि दोनों पक्षों से हिंसा रोकने की बात कही है। हिंसा में लिपटा यूक्रेन इन देशों में शामिल है। 

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