US Politics: कैलिफोर्निया में ट्रंप प्रशासन की आव्रजन संबंधी कार्रवाई 'नस्लीय'; संघीय कानून की अवहेलना के आरोप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया गया है। आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने दक्षिणी कैलिफोर्निया में भूरे रंग की त्वचा वाले लोगों को निशाना बनाकर बिना कारण जबरन इमिग्रेशन छापेमारी की। साथ ही प्रशासन एजेंट लोगों को सड़कों, बस स्टॉप, खेतों और मजदूर ठिकानों से हिंसक तरीके से गिरफ्तार कर रहे हैं।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा ट्रंप पर इस आरोप के तहत लगाया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने दक्षिणी कैलिफोर्निया में भूरे रंग की त्वचा वाले लोगों को निशाना बनाते हुए इमिग्रेशन (प्रवासन) छापेमारी की। बता दें कि यह मामला यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया गया है और इसमें कहा गया है कि सरकारी एजेंट बिना किसी ठोस कारण के लोगों को सड़कों, बस स्टॉप, पार्किंग, खेतों और दिहाड़ी मजदूरों के ठिकानों से जबरन और हिंसक तरीके से गिरफ्तार कर रहे हैं।
इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग
ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दायर इस मुकदमे में इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार देते हुए इसपर रोक लगाने की मांग की गई है। अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) के वकील मोहम्मद तजसर ने कहा कि ये एजेंट शहर में हर जगह अचानक आकर लोगों को बिना वजह उठा रहे हैं, और हम चाहते हैं कि ये बंद हो। साथ ही शिकायत में यह भी कहा गया है कि पकड़े गए लोगों को खराब, अंधेरी और गंदी जेलों में रखा जा रहा है, जहां उन्हें वकील से मिलने की इजाजत भी नहीं दी जाती।
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हालांकि दूसरी ओर इन आरोपों को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की प्रवक्ता ट्रिशा मैकलॉघलिन ने घिनौना और पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने कहा कि हमारी टीमें केवल तय लक्ष्यों पर कार्रवाई करती हैं और सभी गिरफ्तारी कानूनी तरीके से होती हैं। सभी कैदियों को खाना, इलाज और वकील से बात करने की सुविधा दी जाती है। ध्यान रहे कि ट्रंप प्रशासन पर किए गए इस मुकदमे में तीन प्रवासियों, कुछ प्रवासी अधिकार संगठनों और दो अमेरिकी नागरिकों ने शिकायत की है। इनमें एक अमेरिकी नागरिक को उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब उसने अपनी पहचान दिखाई थी।
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लॉस एंजेलिस में विवाद के बाद मुकदमा
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन के खिलाफ यह मुकदमा उस समय आया है, जब ट्रंप की प्रशासन ने लॉस एंजेलिस पर अवैध शरण शहर कानून को लेकर केस किया है। हाल ही में प्रवासन छापों और नेशनल गार्ड की तैनाती के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में हिंसा भी हुई है।
मामले में अब तक 40 से ज्यादा लोगों पर पुलिस पर हमला, घोड़ों पर हमला, और आगजनी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं एक 17 वर्षीय लड़के पर हत्या की कोशिश और पुलिस पर हमले का भी मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा 14 लोगों पर फेडरल केस भी चल रहे हैं, जिनमें सिंडर ब्लॉक और पेट्रोल बम से हमला करने के आरोप शामिल हैं।