Pakistan: पाकिस्तान वापसी पर क्या नवाज शरीफ को हथकड़ी लगाई जाएगी? अंतरिम प्रधानमंत्री काकर ने दिया यह जवाब
Pakistan: पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री अनवर-उल हक काकर ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां तय करेंगी कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की देश वापसी के बाद गिरफ्तारी होगी या नहीं।
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पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री अनवर-उल हक काकर ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां तय करेंगी कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की देश वापसी के बाद गिरफ्तारी होगी या नहीं। काकर से एक न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान पूछा गया था कि क्या वह पीएमएल-एन सुप्रीमो की पाकिस्तान वापसी पर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इसके जवाब में उन्होंने यह टिप्पणी की।
नवाज शरीफ को फरवरी 2020 में भगोड़ा घोषित किया गया था। बाद में उसी साल एक जवाबदेही अदालत ने तोशाखाना मामले में उन्हें अपराधी घोषित कर दिया था। काकर से जब पूछा गया कि नवाज को उनकी वापसी पर हथकड़ी लगाई जाएगी या नहीं। इस पर उन्होंने कहा,'कानून प्रवर्तन एजेंसियां (एलईए) कानून के आलोक में इस मामले पर फैसला करेंगी। अगर उन्हें लगता है कि उन्हें (नवाज को) जंजीरों में बांध दिया जाना चाहिए तो वे उस रास्ते को अपनाएंगे।
उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां उनकी गिरफ्तारी के मुद्दे पर अपनी क्षमता के अनुसार फैसला करेगा। उन्होंने कहा, 'मैं इस बात को दोहराता हूं कि कानूनी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का नेतृत्व मौजूद है। वे जो भी फैसला करें, चाहे वे उन्हें (नवाज को) सलाखों के पीछे भेजें या आवाजाही की आजादी दें, यह न्यायिक प्रक्रिया और कानून प्रवर्तन के नेतृत्व का फैसला होगा।'
हालांकि, प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि नवाज, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कानून की अवहेलना कर रहे हैं तो वह दखल दे सकती है। मंगलवार को नवाज के छोटे भाई और पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने लंदन में कहा था कि उनके भाई आगामी चुनावों में पार्टी के राजनीतिक अभियान का नेतृत्व करने के लिए 21 अक्तूबर को ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटेंगे।
लाहौर उच्च न्यायालय ने उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की चार सप्ताह की अनुमति दी थी जिसके बाद नवाज नवंबर 2019 में लंदन चले गए थे। लेकिन वह कभी पाकिस्तान नहीं लौटे। उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया गया था और जेल में डाल दिया गया था।
उन्हें 2018 में अल-अजीजिया मिल्स और एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामलों में दोषी ठहराया गया था। वह अल-अजीजिया मिल्स मामले में लाहौर की कोट लखपत जेल में सात साल की कैद काट रहे थे, जब उन्हें 2019 में चिकित्सा आधार पर लंदन जाने की अनुमति दी गई थी। शहबाज पहले भी कह चुके हैं कि अगर आम चुनाव में पार्टी सत्ता में लौटती है तो नवाज अगले प्रधानमंत्री होंगे।
साल 2016 में उच्चतम न्यायालय ने संपत्ति छिपाने के मामले में नवाज को आजीवन अयोग्य करार दिया था, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी अपील फिलहाल संबंधित अदालतों में लंबित है।