श्रीलंका में सड़कों पर सैलाब : सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने फिर घेरा पीएम आवास, राष्ट्रपति व पीएम राजपक्षे से इस्तीफे की मांग
श्रीलंका में आर्थिक बदहाली व सियासी संकट को लेकर बीते 15 दिनों से आंदोलन जारी है। इंटर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स फेडरेशन से जुड़े इन छात्रों को पीएम आवास पर जमकर नारेबाजी करते देखा गया।
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श्रीलंका में आर्थिक बदहाली व सियासी संकट को लेकर बीते 15 दिनों से आंदोलन जारी है। इंटर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स फेडरेशन से जुड़े इन छात्रों को पीएम आवास पर जमकर नारेबाजी करते देखा गया। विद्यार्थियों को कोलंबो के विजेरामा मावथा इलाके में प्रधानमंत्री आवास के बाहर नारेबाजी करते देखा गया। दर्जनों लोगों ने पीएम के सरकारी आवास के समीप प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति राजपक्षे और पीएम महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे की मांग की। आवास की चारदीवारी पर 'घर जाओ राजपक्षे' लिखा गया।
श्रीलंका में नौ अप्रैल से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। आर्थिक रूप से कंगाल हो चुकी श्रीलंका सरकार के पास महत्वपूर्ण वस्तुओं के आयात के लिए पैसे नहीं हैं। आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू गई हैं और ईंधन, दवाओं और बिजली की आपूर्ति की भारी कमी हो गई है। रविवार को आंदोलन और उग्र होता नजर आया।
प्रदर्शन इसलिए तेज हुए क्योंकि पीएम राजपक्षे ने अंतरिम सरकार के गठन की मांग खारिज कर दी। रविवार को राजपक्षे ने कहा था कि अंतरिम सरकार इसलिए नहीं बन सकती, क्योंकि विरोधी नीतियों वाले लोग एक नीति पर सहमत नहीं हो सकते। सहमति जरूरी है, जो कि संभव नहीं दिखती। यदि अंतरिम सरकार चाहते हैं तो वह मेरे नेतृत्व में ही बनना चाहिए।
बीते सप्ताह सरकार ने विपक्षी दलों व प्रदर्शनकारियों से संपर्क कर उनसे आंदोलन खत्म करने का अनुरोध किया था, लेकिन उसके प्रयास विफल हो गए, क्योंकि आंदोलनकारी सरकार के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच, कोलंबो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कोलंबो की कुछ सड़कों पर नहीं उतरने की चेतावनी दी और कोर्ट के आदेश का हवाला दिया, लेकिन विद्यार्थियों ने कहा कि कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है।
प्रदर्शनकारी पूर्व में भी पीएम राजपक्षे के निवास का घेराव कर चुके हैं। उनकी ही पार्टी के सदस्य भी उन्हें इस्तीफा देने और अंतरिम सरकार के गठन का आग्रह कर रहे हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के 40 से अधिक सांसदों का एक समूह पहले ही गठबंधन सरकार से अलग हो चुका है। वह सभी दलों को मिलाकर साझा सरकार बनाने व आर्थिक संकट का दूर करने की मांग कर रहे हैं।