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Hindi News ›   World ›   King Charles: Queen Elizabeth funeral will held on 19th, first time public witnesses Charles becoming emperor

Queen Elizabeth II Death: ब्रिटिश महारानी के निधन पर आज राष्ट्रीय शोक, सम्मान में आधा झुका तिरंगा

Sun, 11 Sep 2022 08:19 AM IST
योगेश साहू न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, लंदन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, लंदन। Published by: योगेश साहू Updated Sun, 11 Sep 2022 08:19 AM IST
सार

King Charles: अपने वारिस चार्ल्स के लिए रानी एलिजाबेथ द्वितीय करीब 50 करोड़ डॉलर की निजी संपत्तियां और 28 अरब डॉलर से ज्यादा की परिसंपत्तियां छोड़कर गई हैं। चार्ल्स को राजा के तौर पर ब्रिटिश राजघराने की तमाम संपत्तियों से होने वाली आय का 15-25 फीसदी भत्ते के तौर पर मिलता रहेगा।

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King Charles: Queen Elizabeth funeral will held on 19th, first time public witnesses Charles becoming emperor
लाल किले पर आधा झ़काया गया तिरंगा - फोटो : ANI

विस्तार

One-day state mourning: ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर आज भारत में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। महारानी के सम्मान में लाल किले से लेकर राष्ट्रपति भवन तक में तिरंगे को आधा झुकाया गया। गृह मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, देशभर में सभी सरकारी इमारतों, जहां नियमित तौर पर तिरंगा फहराया जाता है, ऐसी सभी जगहों पर आज दिनभर तिरंगा आधा झुका रहेगा। 

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वहीं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का राजकीय अंतिम संस्कार लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में 19 सितंबर को 11 बजे होगा। स्कॉटलैंड स्थित बालमोरल किले से उनके पार्थिव शरीर को रविवार को एडिनबर्ग के पैलेस ऑफ होलीरूड हाउस ले जाया जाएगा। 
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महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बेटे और उनके उत्तराधिकारी राजा चार्ल्स तृतीय ब्रिटेन के नए सम्राट बन गए। शनिवार सुबह लंदन में बकिंघम पैलेस के पास सेंट जेम्स महल में हुए आधिकारिक समारोह में उन्होंने तमाम शाही प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी करते हुए राजगद्दी संभाली।

राज्यारोहण परिषद (एक्सेशन काउंसिल) के शाही रिवाजों के साथ हुए कार्यक्रम में न सिर्फ राजघराने की परंपरा, इतिहास और आधुनिकता का बेजोड़ संगम दिखा बल्कि टीवी पर सीधे प्रसारण के साथ पहली बार ब्रिटिश जनता इस भव्य अवसर का गवाह बनी। 300 वर्ष में पहली बार नए महाराजा का एलान सार्वजनिक रूप से किया गया। अब तक यह प्रक्रिया बंद कमरों में संपन्न होती थी और बाद में लंदन गजट में प्रकाशन के साथ खुलासा होता था।

प्रधानमंत्री, छह पूर्व प्रधानमंत्रियों, वरिष्ठ मंत्रियों और चुनिंदा सांसदों समेत बड़े राजनेताओं, चर्च ऑफ इंग्लैंड के नेता और शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से मिलकर बनी परिषद के समक्ष आधिकारिक तौर पर राजघराने की कमान लेने के बाद 73 वर्षीय चार्ल्स को बड़ी धूमधाम से तोपों की सलामी दी गई। फिर महल की बालकनी से सार्वजनिक बयान जारी करते हुए उनके महाराजा बनने का एलान हुआ।

पीएम ट्रस ने ली किंग के प्रति वफादारी की शपथ
ब्रिटिश पीएम लिज ट्रस और उनकी सरकार के वरिष्ठ सदस्यों ने हाउस ऑफ कॉमन्स में किंग चार्ल्स-3 के प्रति वफादारी की शपथ ली। सर्वप्रथम हाउस अध्यक्ष लिंडसे हॉयले ने निष्ठा का संकल्प लिया। इसके बाद सांसदों व पीएम ने शपथ ली।

  • दरअसल, ब्रिटेन में सभी सांसदों को राजपरिवार के सबसे प्रमुख व्यक्ति के प्रति निष्ठा की शपथ लेनी होती है। वरिष्ठ सांसदों के लिए यह जरूरी है।

ईश्वर सम्राट की रक्षा करे
तमाम प्रोटोकॉल के साथ हुई ताजपोशी के बाद महल में उपस्थित ब्रिटेन के अहम और राजघराने के वरिष्ठ लोगों ने एक स्वर में कहा, ‘ईश्वर सम्राट की रक्षा करे।’ यह दुनिया के लिए सबसे चौंकाने वाला क्षण भी रहा। फिर चार्ल्स ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन की औपचारिक जानकारी देने के साथ देश के नाम अपना संबोधन शुरू किया, जिसमें उन्होंने मां की विरासत को जारी रखने और कर्तव्य पालन की प्रतिबद्धता जताई।

दुखी मन से बात कर रहा : चार्ल्स
किंग चार्ल्स-3 ने लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में अपने संबोधन के दौरान कहा, मैं आज आपसे बहुत दुखी मन के साथ बात कर रहा हूं। पूरी जिंदगी महारानी और मेरी प्यारी मां, मेरे तथा मेरे पूरे परिवार के लिए प्रेरणास्रोत और मिसाल रहीं।

  • उनके प्यार, लगाव, मार्गदर्शन, समझ व मिसाल बनने के लिए उनके दिल से कर्जदार हैं जैसा कि कोई भी परिवार अपनी मां के लिए होता है। हमें उनके जाने पर गहरा दुख है। मैं आपसे उसी आजीवन सेवा का वादा करता हूं।

मां ने जो संकल्प लिया, पूरा किया
1947 में अपने 21वें जन्मदिन पर महारानी ने केपटाउन से राष्ट्रमंडल को संबोधित करते हुए अपना जीवन, चाहे वो छोटा हो या बड़ा हो, लोगों की सेवा में लगाने की शपथ ली थी। उन्होंने कर्तव्य के लिए त्याग किए।

  • एक शासक के तौर पर उनका समर्पण और निष्ठा कभी कम नहीं हुई, फिर चाहे परिवर्तन और प्रगति का समय हो, खुशी और उत्सव का समय हो या दुख और क्षति का समय हो।

नई जिम्मेदारियों संग मेरा जीवन बदल जाएगा
मैं संकल्प लेता हूं कि जीवनभर निष्ठा, सम्मान और प्यार के साथ आपकी सेवा करने की कोशिश करूंगा। नई जिम्मेदारियों के साथ मेरा जीवन भी बदल जाएगा। मैं दान और उन दूसरे कार्यों को बहुत ज्यादा समय और ऊर्जा नहीं दे सकूंगा।

  • लेकिन, मैं जानता हूं कि ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दूसरे भरोसेमंद हाथों में जाएगी। ये मेरे परिवार के लिए भी बदलाव का समय है। मैं अपनी प्यारी पत्नी कैमिला से भी मदद पर भरोसा करता हूं।

बेशुमार दौलत छोड़ गईं
अपने वारिस चार्ल्स के लिए रानी एलिजाबेथ द्वितीय करीब 50 करोड़ डॉलर की निजी संपत्तियां और 28 अरब डॉलर से ज्यादा की परिसंपत्तियां छोड़कर गई हैं। चार्ल्स को राजा के तौर पर ब्रिटिश राजघराने की तमाम संपत्तियों से होने वाली आय का 15-25 फीसदी भत्ते के तौर पर मिलता रहेगा। इसके अलावा प्रिवी पर्स (गुप्त निजी खजाने) की आय भी शासक को मिलती है।

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