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Kenya: केन्या का मंत्रिमंडल बर्खास्त, राष्ट्रपति रुटो ने विरोध प्रदर्शनों के बीच लिया फैसला

Fri, 12 Jul 2024 12:46 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 12 Jul 2024 12:46 AM IST
सार

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो बृहस्पतिवार को स्टेट हाउस नैरोबी से संवाददाताओं से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह निर्णय उनके मंत्रिमंडल के चिंतन और समग्र मूल्यांकन के बाद लिया गया है। हमने जो प्रगति की है, उसके बावजूद भी मैं इस बात से पूरी तरह वाकिफ हूं कि केन्या के लोगों को मुझसे बहुत उम्मीदें हैं।

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Kenyan President William Ruto sacks cabinet amid protests
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स

विस्तार

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने अपने लगभग पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर दिया है। रुटो ने पुष्टि की कि उप राष्ट्रपति रिगाथी गचागुआ और प्रधान कैबिनेट सचिव मुसालिया मुदावदी अपने-अपने पदों पर बने हुए हैं। कैबिनेट बर्खास्त करने का निर्णय सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद लिया गया है। मई में करों को बढ़ाने और केन्या के बारी कर्ज को कम करने के उद्देश्य से एक विधेयक पेश किए जाने के बाद से देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की लहर देखी गई है। 

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रुटो बृहस्पतिवार को स्टेट हाउस नैरोबी से संवाददाताओं से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह निर्णय उनके मंत्रिमंडल के चिंतन और समग्र मूल्यांकन के बाद लिया गया है। हमने जो प्रगति की है, उसके बावजूद भी मैं इस बात से पूरी तरह वाकिफ हूं कि केन्या के लोगों को मुझसे बहुत उम्मीदें हैं। लोगों का मानन है कि यह प्रशासन हमारे देश के इतिहास में सबसे व्यापक परिवर्तन कर सकता है। 
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केन्या नेशनल कमीशन ऑन ह्यूमन राइट्स द्वारा संदर्भित, कर बढ़ाने के बाद से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान जून में पुलिस के साथ झड़प में करीब 39 लोगों की जान चली गई थी। वहीं, कार्यकर्ताओं, चिकित्सा कर्मियों और सोशल मीडिया प्रभावितों सहित कम से कम 32 व्यक्तियों का या तो अपहरण कर लिया गया या फिर बिना किसी कारण के हिरासत में ले लिया गया था। एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए अपहरण बताया। साथ ही राष्ट्रपति के नेतृत्व वाली पुलिस व राष्ट्रीय खुफिया सेवा को संवैधानिक उल्लंघनों का हवाला देते हुए ऐसी कार्रवाइयों को रोकने का आदेश दिया। 
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बीते शुक्रवार को एक्स पर राष्ट्रपति रुटो का एक राजनीतिक कार्यकर्ता से संवाद हुआ, जिसने राष्ट्रपति को अधिकारियों द्वारा हमला किए जाने, उनके घर में तोड़फोड़ किए जाने और उन्हें जबरन एक अज्ञात स्थान पर ले जाने के बारे में विस्तार से बताया। इस पर राष्ट्रपति ने खेद व्यक्त कर क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि यह अस्वीकार्य है। इन कथित अपहरणों की जांच कराई जाएगी। यह सुनिश्चित करने का वचन दिया कि गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस प्रोटोकॉल का पालन करे। 


बता दें कि केन्या के बढ़ते कर्ज को कम करने के उद्देश्य से 25 जून को करों में वृद्धि करने वाला विधेयक सांसदों द्वारा पारित किया गया था। हालांकि, इस कानून के चलते केन्याई लोगों में भारी आक्रोश पैदा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसपैठ की और इसके कुछ हिस्सों में आग लगा दी, जिसके कारण सरकार ने कड़ी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग घायल हुए और कई को हिरासत में ले लिया गया। राष्ट्रपति रुटो ने अगले दिन विधेयक को अस्वीकार कर दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच उनके इस्तीफे की मांग जारी रही। 

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