EU: यूरोपीय संघ की बैठक में शामिल होने वाले पहले ब्रिटिश पीएम बने कीर स्टार्मर, 27 देशों के नेता भी हुए शामिल
ब्रिटने के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने आज ब्रसेल्स में हुए यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लिया। इसके तहत स्टार्मर यूरोपीय संघ की बैठक में शामिल होने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन गए। इस बैठक में मुख्य रूप से रक्षा और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की गई।
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सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद की अनौपचारिक बैठक में शामिल होने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन गए। यह बैठक यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं के साथ हुई और इसमें मुख्य रूप से रक्षा और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की गई। बता दें कि ये पहली बार था जब एक ब्रिटिश प्रधानमंत्री ब्रेक्सिट के बाद इस बैठक में हिस्सा ले रहे थे।ये बैठक यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के नेताओं के साथ हुई, जिनमें ब्रिटेन ने 2016 में हुए जनमत संग्रह में बाहर निकलने का निर्णय लिया था।
ट्रंप के टैरिफ के बाद ट्रेड वॉर की स्थिति
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ धमकियों के कारण, व्यापार युद्ध (ट्रेड वॉर) की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को असर पड़ रहा है। ऐसे में इस यात्रा को कीर स्टारमर की सरकार ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के रिश्तों में नए सिरे से सुधार करने की दिशा में एक कदम मान रही है।
बैठक के बाद बोले कीर स्टार्मर का बयान
मामले में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं से कहा कि उन्हें सभी सहयोगियों को आगे बढ़ते हुए देखना चाहिए, खासकर यूरोप में। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस पर अधिक प्रतिबंध लगाने की धमकी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि पुतिन इससे परेशान हैं और वह अपनी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। स्टार्मर ने कहा कि उनका उद्देश्य यूरोपीय साझेदारों के साथ मिलकर रूस पर दबाव बनाए रखना और पुतिन की युद्ध मशीन को कमजोर करना है। इसके लिए वे उन कंपनियों को निशाना बनाने का काम करेंगे जो रूस की मिसाइल फैक्ट्रियों को सप्लाई करती हैं।
सैन्य समर्थन और आर्थिक दवाब पर भी जोर
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का सैन्य समर्थन और आर्थिक दबाव शांति की ओर एक कदम और बढ़ाएगा। डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, स्टार्मर यूरोप से रूस पर दबाव बनाए रखने और यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने का आह्वान करेंगे, ताकि इस साल यूक्रेन को मजबूत स्थिति में रखा जा सके।
अमेरिका या नाटो, ब्रिटेन किसके साथ?
नाटो के महासचिव मार्क रूटे के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन न तो अमेरिका और न ही यूरोपीय संघ में से किसी का पक्ष चुनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के लिए दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, और यह ब्रिटेन की ऐतिहासिक नीति रही है कि हम दोनों के साथ काम करें।
यूके-ईयू रक्षा और सुरक्षा साझेदारी पर भी प्रकाश
साथ ही बैठक में में स्टारमर ने यूके-ईयू रक्षा और सुरक्षा साझेदारी की बात रखी, जिसमें साझा खतरों पर सहयोग बढ़ाने, सीमा पार अपराध और अवैध प्रवासन पर कार्रवाई करने के कदम उठाए जाएंगे। इसका उद्देश्य ब्रिटेन के लिए सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है।