काबू में रखें आतंकवाद : पीएम शहबाज शरीफ के कश्मीर राग के जवाब में राजनाथ का सख्त संदेश, शुभकामनाएं भी दीं
पड़ोसी देशों पाकिस्तान व चीन को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जब भी अमेरिका व भारत के बीच द्विपक्षीय वार्ता होती है तो आतंकवाद का मुद्दा उठाया जाता है।
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पाकिस्तान के नए पीएम शहबाज शरीफ द्वारा भी कश्मीर राग छेड़े जाने के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें शुभकामनाएं देने के साथ ही खरी-खरी कही है। उन्होंने कहा कि 'मैं सिर्फ उन्हें यह कहना चाहता हूं कि वे आतंकवाद काबू में रखें। उन्हें शुभकामनाएं।'
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ चर्चा में पड़ोसी देशों पाकिस्तान व चीन को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जब भी अमेरिका व भारत के बीच द्विपक्षीय वार्ता होती है तो आतंकवाद का मुद्दा उठाया जाता है। हमने अमेरिका के साथ 2+2 वार्ता में भी इस पर विचार किया। अमेरिका से किसी आश्वासन का सवाल नहीं, हमने सिर्फ चर्चा की।
रक्षामंत्री ने कहा कि अमेरिका हमारा स्वाभाविक मित्र है, इसमें कोई दो राय नहीं है। चीन को लेकर उन्होंने कहा कि हम सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं। पाक के नए पीएम शरीफ ने भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखने की बात कही थी, लेकिन यह भी कहा था कि कश्मीर विवाद के हल के बगैर यह संभव नहीं है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जेम्स आस्टिन के साथ 2+2 के मौके पर सिंह ने एएनआई से चर्चा में कहा कि रूस को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उपकरणों के स्पेयर पॉर्ट्स के लिए हम रूस पर निर्भर हैं और पाबंदियों के चलते हमें दिक्कतें आ सकती हैं। हम इससे निपटने में सक्षम हैं। अमेरिका से इस बारे में कोई बात नहीं हुई है।
#WATCH | In an interview with ANI in Washington DC, Defence Minister Rajnath Singh on US talking about providing affordable defence systems said, "Price affordability will benefit only when we require, or can't produce...We will buy it from outside when it's required..." pic.twitter.com/hi8RUwh859
— ANI (@ANI) April 12, 2022
रूस से न करें बड़े रक्षा करार
2+2 वार्ता में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने रूस से बड़े रक्षा करार नहीं करने का अनुरोध किया। अमेरिका द्वारा सस्ते रक्षा उपकरणों की पेशकश को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मूल्य की बात तब होती है, जब हमें रक्षा सामग्री की जरूरत हो या हम तैयार नहीं कर सकते हों। जब भी जरूरत होगी, हम बाहर से खरीदेंगे। राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री आस्टिन के साथ पेंटागन में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन व चीन को लेकर बात हुई।