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कजाखस्तान: सरकार के इस्तीफे के बाद भी देशभर में हिंसक प्रदर्शन, ईंधन की मूल्य वृद्धि पर लोग भड़के, राष्ट्रपति ने लगाया आपातकाल
Thu, 06 Jan 2022 02:05 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, अल्माटी।
एजेंसी, अल्माटी।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 06 Jan 2022 02:05 AM IST
सार
कजाखस्तान सरकार ने मंगलवार की शाम मंगिस्ताउ प्रांत में तेल की कीमत 50 टेंज (कजाखस्तानी मुद्रा) करने की घोषणा की थी। लेकिन हिंसक प्रदर्शनों के बीच सरकार के इस्तीफे के बाद भी विरोध प्रदर्शन नहीं रुके। इसे देखते हुए देश के कुछ हिस्सों में दो सप्ताह के लिए आपातकाल लगाने की घोषणा की गई है।
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कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट तोकतावेय
- फोटो : Twitter@TokayevKZ
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विस्तार
कजाखस्तान में भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच बुधवार को राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट तोकतावेय ने प्रधानमंत्री अस्कार मामिन की सरकार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद देश में प्रदर्शन जारी रहे। मध्य-एशिया के इस देश में गैस की कीमतों में वृद्धि के कारण यह प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच, बवाल इस कदर बढ़ गया कि देश में आपातकाल लगना पड़ गया है।
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राष्ट्रपति तोकततावेय ने फिलहाल उपप्रधानमंत्री रहे अलीखान समाइलोव को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया है। कजाखस्तान सरकार ने मंगलवार की शाम मंगिस्ताउ प्रांत में तेल की कीमत 50 टेंज (कजाखस्तानी मुद्रा) करने की घोषणा की थी। लेकिन हिंसक प्रदर्शनों के बीच सरकार के इस्तीफे के बाद भी विरोध प्रदर्शन नहीं रुके। इसे देखते हुए देश के कुछ हिस्सों में दो सप्ताह के लिए आपातकाल लगाने की घोषणा की गई।
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देश के सबसे बड़े शहर अल्माटी में हिंसक भीड़ ने वाहनों को आग लगा दी। इसके बाद उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। बताया गया कि हालात ऐसे थे कि कई जगहों पर पुलिस ने भीड़ का गुस्सा शांत करने के लिए लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। आपातकाल के दौरान देश में हथियारों व शराब की बिक्री भी रोक दी गई है।
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सरकारी दफ्तरों पर हमला अवैध : राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा कि उन्होंने देश में फैल रही अशांति के बीच सरकार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हिसंक विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए अल्माटी और पश्चिमी प्रांत मैंगिस्टाउ में आपालकाल लगाया गया है। उन्होंने कहा, प्रदर्शनकारियों का सरकारी कार्यालयों पर हमला करना बिल्कुल अवैध रवैया है। देश में आपातकालीन उपायों के तहत रात का कर्फ्यू और सामूहिक रूप से जुटने पर प्रतिबंध रहेगा।