{"_id":"6427a01992a1a8b6c7053eb5","slug":"kamala-harris-us-vice-president-visits-zambia-meets-her-maternal-grandfather-in-lusaka-2023-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kamala Harris: अमेरिका की उपराष्ट्रपति का जाम्बिया दौरा, लुसाका में अपने भारतीय मूल के नाना से की मुलाकात","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Kamala Harris: अमेरिका की उपराष्ट्रपति का जाम्बिया दौरा, लुसाका में अपने भारतीय मूल के नाना से की मुलाकात
Sat, 01 Apr 2023 09:12 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 01 Apr 2023 09:12 AM IST
सार
हैरिस ने बताया कि उनके नाना एक भारतीय सिविल सेवक रह चुके हैं। जाम्बिया की स्वतंत्रता के बाद 1966 में वह राहत उपायों और शरणार्थियों के निदेशक के रूप में सेवा करने के लिए लुसाका आए थे।
विज्ञापन
कमला हैरिस
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस इन दिनों जाम्बिया के दौरे पर हैं। जाम्बियां पहुंचकर वह अपने नाना पीवी गोपालन से मिलने पहुंची। भारतीय मूल के पीवी गोपालन भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी थे जो अब में लुसाका में रहते हैं।
हैरिस के नाना एक भारतीय सिविल सेवक रह चुके हैं। जाम्बिया की स्वतंत्रता के बाद 1966 में वह राहत उपायों और शरणार्थियों के निदेशक के रूप में सेवा करने के लिए लुसाका आए थे। उन्होंने देश के पहले राष्ट्रपति केनेथ कौंडा के सलाहकार के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
जाम्बिया पहुंचने के बाद वहां के राष्ट्रपति हाकिंडे हिचिलेमा के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कमला हैरिस ने संवाददाताओं से कहा- "जैसा की आपलोग जानते हैं, यह यात्रा मेरे और मेरे परिवार के लिए विशेष महत्व रखता है। जब मैं छोटी थी तब मैं जाम्बिया आई थी। मेरे नाना यहां काम करते थे।"
विज्ञापन
अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए हैरिस ने कहा- "मुझे अभी भी वह दिन याद है। मैं उस समय एक छोटी बच्ची थी और ये यादें बचपन की है। मुझे याद है कि यहां आने के बाद मैं बहुत उत्तेजित और खुश होती थी। हाल ही में मैंने अपनी चाची से बात की थी। उन्होंने मुझे उन रिश्तों के बारे में बता रहीं थी जो उन्होंने यहां बनाए थे। उन दिनों वह लुसका सेंट्रल अस्पताल में डॉक्टरों के साथ काम करती थी।"
बता दें कि कमला हैरिस जाम्बिया पहुंचने से पहले घाना और तंजानिया का भी दौरा कर चुकी है। बुधवार को तंजानिया पहुंचने के बाद उन्होंने गुरुवार को वहां की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से मुलाकात भी की थी।
विज्ञापन
हैरिस के नाना एक भारतीय सिविल सेवक रह चुके हैं। जाम्बिया की स्वतंत्रता के बाद 1966 में वह राहत उपायों और शरणार्थियों के निदेशक के रूप में सेवा करने के लिए लुसाका आए थे। उन्होंने देश के पहले राष्ट्रपति केनेथ कौंडा के सलाहकार के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
विज्ञापन
जाम्बिया पहुंचने के बाद वहां के राष्ट्रपति हाकिंडे हिचिलेमा के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कमला हैरिस ने संवाददाताओं से कहा- "जैसा की आपलोग जानते हैं, यह यात्रा मेरे और मेरे परिवार के लिए विशेष महत्व रखता है। जब मैं छोटी थी तब मैं जाम्बिया आई थी। मेरे नाना यहां काम करते थे।"
विज्ञापन
अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए हैरिस ने कहा- "मुझे अभी भी वह दिन याद है। मैं उस समय एक छोटी बच्ची थी और ये यादें बचपन की है। मुझे याद है कि यहां आने के बाद मैं बहुत उत्तेजित और खुश होती थी। हाल ही में मैंने अपनी चाची से बात की थी। उन्होंने मुझे उन रिश्तों के बारे में बता रहीं थी जो उन्होंने यहां बनाए थे। उन दिनों वह लुसका सेंट्रल अस्पताल में डॉक्टरों के साथ काम करती थी।"
बता दें कि कमला हैरिस जाम्बिया पहुंचने से पहले घाना और तंजानिया का भी दौरा कर चुकी है। बुधवार को तंजानिया पहुंचने के बाद उन्होंने गुरुवार को वहां की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से मुलाकात भी की थी।