ट्रंप का एक्शन: अमेरिकी न्याय विभाग का सख्त कदम, हमास के हमलों की जांच के लिए नया टास्क फोर्स बनाने का एलान
सात अक्तूबर को हमास के द्वारा इस्राइल पर किए हमलो की जांच के लिए अमेरिकी न्याय विभाग ने टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है। फोर्स इस बात का भी जांच करेगा कि क्या हमास का समर्थन करने वाले किसी व्यक्ति ने नागरिक अधिकारों का उल्लंघन या यहूदी विरोधी कृत्य किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टास्क फोर्स में शामिल एजेंट और अभियोजक हमास के आतंकवादियों के खिलाफ जांच करेंगे, जिन्होंने दक्षिणी इस्राइल में हिंसा और उत्पात मचाया। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य हमास के आतंकवादियों को सजा दिलवाना है। मामले में अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा कि हमास के बर्बर आतंकवादियों को जीतने का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। बता दें कि इस टास्क फोर्स में अभियोजक और एफबीआई एजेंट शामिल होंगे, जो हमास के आतंकवादियों और उनके समर्थन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
ये भी पढ़ें:- West Asia Unrest: ट्रंप की चेतावनी- हूती समर्थक ईरान भुगतेगा परिणाम, यमन में अमेरिकी हमले में अब तक 150+ हताहत
ट्रंप की चेतावनी के बाद न्याया विभाग की घोषणा
न्याय विभाग ने एक नया टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है, जो हमास के समर्थन या वित्तपोषण से जुड़े मामलों की जांच करेगा। यह टास्क फोर्स उन आरोपों पर भी काम करेगा, जो पहले से लंबित हैं। यह घोषणा तब की गई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को गाजा में बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने के लिए अंतिम चेतावनी दी।
यहूदी विरोधी भावना का आरोप
ट्रंप प्रशासन ने विश्वविद्यालयों पर यहूदी विरोधी भावना को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। साथ ही फलस्तीनी समर्थक प्रदर्शनों में शामिल विदेशियों को निशाना बनाया है। हाल ही में, महमूद खलील नामक एक छात्र को गिरफ्तार किया गया, जो फलस्तीनी समर्थक प्रदर्शनों में शामिल था। खलील पर आरोप है कि उसने यहूदी विरोधी भावना फैलाने का काम किया और हमास का समर्थन किया। साथ ही न्याय विभाग ने कहा कि इस टास्क फोर्स का उद्देश्य हमास को समर्थन देने या वित्तीय मदद देने वाले लोगों की जांच करना है, ताकि वे जो नागरिक अधिकारों का उल्लंघन या आतंकवादी गतिविधियां कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
ये भी पढ़ें:- US Politics: ट्रंप के आलोचक अफ्रीकी राजदूत को तीन दिन में अमेरिका छोड़ना होगा, विदेश विभाग ने बताया 'अवांछनीय'
गौरतलब है कि हमास द्वारा सात अक्तूबर को इस्राइल पर हुए हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए। इसके साथ ही, हमास ने 251 लोगों को बंधक बना लिया था, जिससे इस्राइल में व्यापक हिंसा और जवाबी कार्रवाई हुई। इस्राइली हमले में गाजा में कई बड़े क्षेत्रों को नष्ट किया गया और हजारों फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई।
ये भी देखें
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.