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US Biological Material Smuggling Case: चीनी वैज्ञानिक को अमेरिकी अदालत से राहत, तीन माह की सजा के बाद रिहाई

Thu, 11 Sep 2025 02:22 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, डेट्रॉयट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, डेट्रॉयट Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 11 Sep 2025 02:22 AM IST
सार

डेट्रॉइट हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ान से उतरने के बाद घंटों पूछताछ के बाद तीन महीने की सजा काट रही चीनी वैज्ञानिक चेंगशुआन हान को बुधवार को तीन महीने की सजा सुनाई गई। हालांकि, अदालत ने उन्हें जितना समय जेल में रही, वही सजा मानकर रिहा कर दिया। हान पर अमेरिका में जैविक सामग्री भेजने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, यह सामग्री सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा नहीं थी।

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Judge says three months in jail enough for Chinese scientist in US smuggling case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी अदालत से युवा चीनी वैज्ञानिक को राहत मिली है। डेट्रॉइट हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ान से उतरने के बाद घंटों पूछताछ के बाद उसे तीन महीने जेल में रखा गया था। उस पर अमेरिका में जैविक सामग्री भेजने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, यह सामग्री सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा नहीं थी। इस मामले में अदालत ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को युवा वैज्ञानिक को तीन महीने की सजा सुनाई। हालांकि, अदालत ने उसे जितना समय जेल में रही, वही सजा मानकर रिहा कर दिया। 

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अमेरिकी जिला न्यायाधीश मैथ्यू लीटमैन ने कहा कि संघीय एजेंटों का काम 'खराब इरादे वाले लोगों' को रोकना है, ताकि 'खतरनाक सामान' देश में न आए। लेकिन उन्होंने माना कि चीनी वैज्ञानिक चेंगशुआन हान, जो मिशिगन विश्वविद्यालय की एक प्रयोगशाला में एक साल की नौकरी करने जा रही थी, इस श्रेणी में नहीं आतीं। न्यायाधीश ने कहा, 'यही सही संतुलन है।' और सरकार की यह मांग खारिज कर दी कि हान को और तीन महीने जेल में रखा जाए।
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जज से बात करते हुए हान रो पड़ीं
जज से मंदारिन भाषा में बात करते हुए चेंगशुआन हान रो पड़ीं और कहा कि उन्हें यह 'बहुत दर्दनाक' सबक मिला है। हान ने कहा कि जब वह जल्द ही चीन लौटेंगी तो उनका करियर बर्बाद हो जाएगा। हान ने कहा, 'सरकारी एजेंट अपना कर्तव्य निभा रहे थे… लेकिन मेरा किसी को नुकसान पहुंचाने या सुरक्षा संकट पैदा करने का कोई इरादा नहीं था।'
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अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने किया अभद्र भाषा का इस्तेमाल
डेट्रॉइट स्थित अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने हान के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यहां तक कि उन्हें 'वुहान से आई एलियन' तक कहा, जो एक चीनी शहर है और कोविड-19 के वैश्विक प्रसार के संभावित स्रोत के रूप में कुख्यात हो गया है। हान के वकील सारा गार्बर ने अदालत में दायर एक दस्तावेज में कहा कि हान 'कोई चीनी जासूस नहीं हैं।'

हान ने तस्करी और झूटे बयान के आरोपों से इनकार किया
20 वर्षीय हान ने तस्करी और झूठे बयान देने के आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका आने से पहले उन्होंने मिशिगन के ऐन आर्बर शहर में किसी व्यक्ति को तीन शिपमेंट भेजे थे। इनमें से एक किताब में एक गुप्त लिफाफा था, जिसमें 28 आकृतियों वाले प्लास्मिड (बैक्टीरिया में पाए जाने वाले छोटे डीएनए के टुकड़े) छिपे थे। इसमें हान ने लिखा, 'नमस्ते! यह एक मजेदार पत्र है, जिसमें दिलचस्प पैटर्न हैं। मुझे उम्मीद है कि आपको इसमें आनंद मिलेगा।'


हान पर पेट्री डिश भेजने का भी लगाया गया आरोप
हान पर पेट्री डिश भेजने का भी आरोप लगाया गया था, जिसमें सी एलिगेंस नामक नेमाटोड कृमि थे। अधिकारियों ने कहा कि ये पैकेट सही लेबलिंग के बिना भेजे गए थे और हान के पास इन्हें भेजने की अनुमति भी नहीं थी। वकील गार्बर ने कहा, 'सी एलिगेंस प्राप्त करना आसान है, इसका अध्ययन करना आसान है, यह नुकसानदायक नहीं है।' वकील ने कहा कि हान का शोध इस बात पर केंद्रित है कि जीव कैसे प्रकाश, स्पर्श और तापमान को पहचानते हैं। वहीं, जज ने भी माना, 'यह कोई वायरस या फसल नष्ट करने वाला जीव तस्करी का मामला नहीं है। मेरी जानकारी में यह सामग्री बिल्कुल भी खतरनाक नहीं थी।'

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जियान का मामला अभी अदालत में लंबित 
हान का मामला मिशिगन विश्वविद्यालय से जुड़े चीनी वैज्ञानिकों के दो मामलों में से एक है। एक अन्य चीनी वैज्ञानिक युनकिंग जियान पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर अमेरिका में फ्यूजेरियम ग्रामीनेरम नामक जहरीली फंगस लाने का आरोप है। यह फंगस गेहूं, जौ, मक्का और चावल पर हमला करती है। हालांकि, यह फंगस पहले से ही अमेरिका के मिडवेस्ट और ईस्ट इलाकों में पाई जाती है और वैज्ञानिक दशकों से इसका अध्ययन कर रहे हैं। जियान का मामला अभी अदालत में लंबित है।

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