फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Joe Biden first commented on the filibuster in an interview, supports the proposal to amend the rules

अमेरिका: बाइडन के सामने टैक्स बढ़ाने और फिलिबस्टर नियम बदलवाने की कठिन चुनौती

Fri, 19 Mar 2021 03:13 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 19 Mar 2021 03:13 PM IST
सार

अमेरिकी सीनेट के नियम के मुताबिक किसी खास बिल या प्रस्ताव पर कोई सदस्य फिलिबस्टर नियम लागू करवा सकता है। ऐसा होने के बाद उस बिल या प्रस्ताव के पारित होने के लिए उसके पक्ष में 100 सदस्यीय सदन के 60 सदस्यों का वोट मिलना जरूरी हो जाता है...

विज्ञापन
Joe Biden first commented on the filibuster in an interview, supports the proposal to amend the rules
अमेरिकी सीनेट - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव खेमे की तरफ दो अहम कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। गौरतलब है कि बड़ी कंपनियों और धनी लोगों पर टैक्स बढ़ाने और सीनेट के नियम फिलिबस्टर को खत्म करने के लिए प्रोग्रेसिव खेमे ने मुहिम छेड़ रखी है। बुधवार को जो बाइडन ने पहली बार फिलिबस्टर के बारे में टिप्पणी की। टीवी चैनल एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे फिलिबस्टर नियम में संशोधन के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं।

विज्ञापन


अमेरिकी सीनेट के नियम के मुताबिक किसी खास बिल या प्रस्ताव पर कोई सदस्य फिलिबस्टर नियम लागू करवा सकता है। ऐसा होने के बाद उस बिल या प्रस्ताव के पारित होने के लिए उसके पक्ष में 100 सदस्यीय सदन के 60 सदस्यों का वोट मिलना जरूरी हो जाता है। इस वक्त डेमोक्रेटिक पार्टी के पास सिर्फ 50 सदस्य हैं। चूंकि एक वोट देने का अधिकार उपराष्ट्रपति को होता है, इसलिए 51 वोटों के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी प्रस्तावों को पास कराने की स्थिति में है। इसलिए प्रोग्रेसिव धड़ा फिलिबस्टर के नियम को खत्म करने की मांग कर रहा है। बाइडन ने बीच का रास्ता अपनाते हुए इसमें संशोधन की बात की है।
विज्ञापन


रिपब्लिकन पार्टी ने फिलिबस्टर नियम में किसी छेड़छाड़ के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। सीनेट में पार्टी के नेता मिच मैकॉनेल ने गुरुवार को अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक लेख लिख कर चेतावनी दी कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी ने फिलिबस्टर नियम को खत्म करने की कोशिश की, तो उस पर जो गुस्सा देश में भड़केगा, उसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि फिलिबस्टर नियम के बिना सीनेट का क्या स्वरूप हो जाएगा, अभी इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर जो मंचिन और क्रिस्टीन साइनेमा ने भी फिलिबस्टर नियम से छेड़छाड़ का विरोध किया है। इसीलिए विश्लेषकों ने कहा है कि फिलिबस्टर नियम में संशोधन के लिए मिले राष्ट्रपति बाइडन के समर्थन के बावजूद इस मकसद को हासिल करना आसान नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव खेमे की राय है कि फिलिबस्टर के रहते पार्टी के लिए अपने कई वादों को निभाना संभव नहीं है। 15 डॉलर प्रति घंटे न्यूनतम मजदूरी करने का प्रस्ताव पहले ही गिर चुका है। प्रस्तावित वोटिंग राइट्स (मताधिकार) बिल के साथ भी ऐसा ही हो सकता है। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शुमर ने बुधवार को कहा था कि वे वोटिंग राइट्स बिल पेश करेंगे, जिसमें नाकाम होने का विकल्प उनकी पार्टी के पास नहीं है। मतदान अधिकारों को लेकर देश में छिड़े विवाद के बीच इस बिल को बेहद अहम माना जा रहा है। लेकिन फिलिबस्टर नियम के रहते इसका पास होना लगभग नामुमकिन होगा।

उधर अमेरिकी मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति बाइडन जल्द ही एक इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज घोषित करने वाले हैं। इस पर अमल के लिए यह जरूरी हो जाएगा कि वे कॉरपोरेट सेक्टर और धनी तबकों पर टैक्स बढ़ाएं। इसलिए इन तबकों की तरफ से अभी इसका विरोध शुरू हो गया है। रिपब्लिकन पार्टी भी टैक्स में किसी बढ़ोतरी के खिलाफ है।


वेबसाइट एक्सियोस.कॉम पर छपी एक खबर के मुताबिक बाइडन प्रशासन कॉरपोरेट टैक्स रेट को बढ़ा कर 28 से 39.6 फीसदी करने पर विचार कर रहा है। कॉरपोरेट सेक्टर के प्रतिनिधियों ने कहा है कि ऐसे किसी प्रस्ताव का वे पुरजोर विरोध करेंगे। लेकिन कॉरपोरेट सेक्टर से कुछ अलग आवाजें भी आई हैं। यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स की उपाध्यक्ष केरोलीन हैरिस ने कहा है कि हर व्यक्ति अच्छे इन्फ्रास्ट्रक्चर को तभी तक पसंद करता है, तब तक उसे यह पता नहीं चले कि इसके लिए उसे कितनी रकम देनी पड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed