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इस देश के सम्राट के साथ 'दावत' में शुमार होगी देवी, अंधेरे कमरे में करना होगा इंतजार
Thu, 14 Nov 2019 07:37 PM IST
अमित कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: अमित कुमार
Updated Thu, 14 Nov 2019 07:37 PM IST
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जापान के शासक नारूहितो
- फोटो : PTI
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जापान के शासक नारूहितो को शासक बनने के अंतिम अनुष्ठान को पूरा करने के लिए पूरी रात लकड़ी से बने अंधेरे कमरे में बितानी होगी। इसके लिए गुरुवार को उन्हें यहां अकेले छोड़ दिया गया है। जापान में मान्यता है कि इस अनुष्ठान के दौरान खुद देवी उनसे मुलाकात के लिए वहां आएगी।
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'डाईजोसाई' नाम का यह अनुष्ठान अमातेरासु ओमिकामी में होगा। यह अनुष्ठान राजा बनने के लंबे अनुष्ठान का आखिरी चरण है। माना जाता है कि जापानी शासक सूर्य रूपी देवी के वशंज हैं। अपने पिता एकिहितो के पद त्यागने के बाद नारूहितो को शासक बनाया गया था।
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हालांकि कम्युनिस्ट और ईसाई समुदाय की ओर इस अनुष्ठान प्रक्रिया की आलोचना की जा रही है। इस पूरे अनुष्ठान पर 25 मिलियन डॉलर की भारी भरकम राशि के खर्च की वजह से वे इसे संविधान का उल्लंघन मान रहे हैं। विश्व युद्ध् से पहले की दो स्कूली किताबों में जिक्र है कि देवी और शासक के बीच वैवाहिक संबंध रहे हैं। इस युग में शासक को भी देवता के रूप में माना जाता था। मगर नारूहितो के दादा हीरोहितो के नाम पर लड़ी गई जंग में हार के बाद उनसे दिव्यता छीन ली गई थी।
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