फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Japan protests after a Chinese military aircraft locks its radar on Japanese jets

Japan: चीनी सैन्य विमान ने जापानी विमानों पर दो बार लॉक किया रडार, जापान ने दर्ज कराया कड़ा विरोध; तनाव बढ़ा

Sun, 07 Dec 2025 09:21 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 07 Dec 2025 09:21 AM IST
सार

Japan: जापान ने लड़ाकू विमानों पर रडार लॉक को लेकर चीन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जापनी रक्षा मंत्री ने इसे बेहद खतरनाक बताते कहा कि यह कदम सुरक्षित सैन्य उड़ान संचालन की सीमा से बाहर है।

विज्ञापन
Japan protests after a Chinese military aircraft locks its radar on Japanese jets
चीन का विमानवाहक पोत - फोटो : आईस्टॉक (फाइल)

विस्तार

चीन के एक सैन्य विमान ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को ओकिनावा के पास जापानी लड़ाकू विमानों पर अपना रडार लॉक किया। जापान ने आज इस घटना को लेकर चीन के सामने विरोध दर्ज कराया है। चीनी सैन्य विमान ने विमानवाहक पोत लियानओनिंग से उड़ान भरी थी। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में जापानी प्रधानमंत्री के ताइवान पर दिए बयान के बाद दोनों देशों के संबंध खराब हो गए हैं।
विज्ञापन

 
जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 'लियाओनिंग' से उड़ान भरने वाले जे-15 लड़ाकू विमान ने शनिवार को दो बार जापान के एफ-15 विमानों पर अपना रडार लॉक किया। पहली बार देर दोपहर करीब तीन मिनट के लिए और दूसरी बार शाम में लगभग 30 मिनट तक रडार लॉक किया गया। हालांकि जापान के हवाई क्षेत्र का कोई उल्लंघन नहीं हुआ और न ही किसी तरह का नुकसान हुआ।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'बल प्रयोग कर सकते हैं ट्रंप', कथित ड्रग तस्करी से जुड़ी नावों पर हमलों को लेकर बोले अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ
विज्ञापन
विज्ञापन


रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने इसे 'बेहद खतरनाक हरकत' बताया। उन्होंने कहा कि चीन का यह कदम सुरक्षित सैन्य उड़ान संचालन की सीमा से बाहर है। उन्होंने कहा कि जापान ने चीन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। चीन पहले ही जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के उस बयान पर नाराजगी जता चुका है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर चीन ताइवान पर कोई कार्रवाई करता है तो जापान भी इसमें शामिल हो सकता है।


ये भी पढ़ें:  अमेरिका की स्वतंत्र एजेंसियों की आजादी पर खतरा? ट्रंप की 'हटाने की शक्ति' पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

घटना के दौरान लियाओनिंग ओकिनावा और मियाको द्वीपों के बीच से गुजर रहा था और वह प्रशांत महासागर में विमान संचालन का अभ्यास कर रहा था। जापानी एफ-15 विमान सतर्कता के तौर पर हवा में भेजे गए थे और वे सुरक्षित दूरी पर रहते हुए चीनी विमानों पर नजर रख रहे थे।

रक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि लड़ाकू विमान रडार का इस्तेमाल सामान्य खोज के लिए भी करते हैं और मिसाइल दागने से पहले फायर कंट्रोल के रूप में भी। माना जा रहा है कि जापान और चीन के बीच रडार लॉक की यह पहली घटना है। इससे पहले साल 2013 में एक चीनी युद्धपोत ने जापानी डेस्ट्रॉयर पर रडार लॉक किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed