विदेश मंत्री जयशंकर का खाड़ी दौरा: दोहा में कतर के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। दोनों ने ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा जैसे कई मुद्दों पर बातचीत की। जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक चार खाड़ी देशों के दौरे पर हैं। इसके बाद वह न्यूयॉर्क और ब्रुसेल्स भी जाएंगे।
विस्तार
A pleasure to meet Qatar PM & FM @MBA_AlThani_ in Doha today.
Thanked him for ensuring the safety and well-being of the Indian community.
Reviewed various facets of our bilateral cooperation especially energy, trade, investments, connectivity, security and people to people… pic.twitter.com/qqQuXr8ELe— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 5, 2026विज्ञापन
जयशंकर ने कतर में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए कतर के प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि इन मुश्किल समय में कतर के समाज में भारतीयों का योगदान तारीफ के काबिल है। उन्होंने भारत-कतर साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय समुदाय के अनुभवों और सुझावों की भी सराहना की।
A good interaction with representatives of Indian community in Qatar this evening.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 5, 2026
Underlined the importance of community welfare in our engagement with the region. Their commitment and contributions to Qatari society in these difficult times are indeed laudable and appreciated… pic.twitter.com/rhLNJMsBPI
बता दें कि जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के दौरे पर हैं। इस दौरान वह इन चारों देशों के शीर्ष नेताओं से मिलेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया की राजनीति तेजी से बदल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच विवाद खत्म करने के मकसद से एक समझौता हुआ है। कतर, ओमान और पाकिस्तान ने ईरान युद्धविराम में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद यह बातचीत फिर शुरू होगी। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को शुरू हुआ था।
न्यूयॉर्क और ब्रुसेल्स का आगामी दौरा
इन चार खाड़ी देशों की यात्रा के बाद जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे। वहां वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कार्यकाल (2028-29) के लिए भारत का आधिकारिक अभियान शुरू करेंगे। इसके बाद वह 14 और 15 जुलाई को ब्रुसेल्स जाएंगे। वहां वह तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह यूरोपीय संघ और बेल्जियम के नेताओं से भी बातचीत करेंगे।