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इटली के डॉक्टर का दावा, जेनेटिक म्यूटेशन से कोरोना वायरस पड़ा कमजोर
Tue, 23 Jun 2020 04:03 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मिलान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मिलान
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 23 Jun 2020 04:03 PM IST
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कोरोना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से पूरी दुनिया बेहाल है। अभी तक इस खतरनाक वायरस के लिए कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है। इसी बीच, इटली के शीर्ष डॉक्टर ने दावा किया है कि अब कोरोना वायरस कमजोर पड़ रहा है।
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जेनोओ के सैन मार्टिनो जनरल अस्पताल में संक्रामक रोगों के प्रमुख प्रोफेसर मैट्टेओ बस्सेट्टी ने दावा किया है कि बिना संक्रमण के उनको भी कोरोना वायरस है। ऐसा संभवत जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले की स्थिति में जिन कोरोना मरीजों की मौत हो सकती थी, वे अब पूरी तरह ठीक हो रहे हैं।
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बता दें कि चीन के वुहान प्रांत में सामने आए कोरोना वायरस ने इटली में जबरदस्त तबाही मचाई थी। इटली यूरोप में कोरोना वायरस का केंद्र बनकर उभरा था। हालांकि, अब इटली में मरीजों की संख्या में गिरावट देखी गई है। अब देश में हर रोज औसतन 300 नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
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प्रोफेसर बस्सेट्टी के मुताबिक, मार्च और अप्रैल की शुरुआत में लोगों में अलग तरह के लक्षण देखे जा रहे थे, उस दौरान लोग सांस की भारी तकलीफ से जूझ रहे थे। हालांकि, पिछले चार सप्ताह में इसमें बदलाव देखने को मिला है। अब लोगों में संक्रमण कम देखने को मिल रहा है।
बस्सेट्टी ने बताया कि अब 80 से 90 साल के संक्रमित लोग भी बिना कृत्रिम मदद के सांस ले पा रहे हैं। ये एक बेहतर संकेत है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन, मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों की वजह से भी वायरस के प्रसार में कमी आई है।
हालांकि, कोरोना वायरस के कमजोर पड़ने के सिद्धांत से दुनिया के कम ही विशेषज्ञ सहमत हैं उनके मुताबिक ऐसा कोई सबूत देखने को नहीं मिला है।